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भोपाल: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में खुलेगी गौशाला, सोशल मीडिया गरम

भोपाल: पत्रकारिता विश्वविद्यालय में खुलेगी गौशाला, सोशल मीडिया गरम

मृगेन पटेल ने लिखा कि जेएनयू के कुलपति परिसर में टैंक रखवाने की बात कर रहे हैं तो माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि.वि. के कुलपति परिसर में गौशाला बनवा रहे हैं।
कांग्रेस सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने राहुल पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने राहुल पर साधा निशाना

हार के बाद रार नहीं मंथन होना चाहिए। लेकिन हाल के विधानसभा चुनाव में हार ने कांग्रेस को मथ दिया है इसलिए मंथन के बजाय आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। दो राज्यों में सीधे-सीधे हार और दो राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर भी कांग्रेस के पास महज पंजाब बचा है। ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने राहुल गांधी पर हमला बोल दिया है।
स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को झटका, चतुर्वेदी को अवमानना केस की अनुमति

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा को झटका, चतुर्वेदी को अवमानना केस की अनुमति

आईएफएस अफसर संजीव चतुर्वेदी की एसीआर लिखने की जिद पर अड़े केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण की ओर से जोर का झटका लगा है। चतुर्वेदी को नड्डा के खिलाफ अवमानना केस करने की अनुमति मिल गई है।
'अकाल में उत्सव' पर चर्चा 16 को भोपाल में

'अकाल में उत्सव' पर चर्चा 16 को भोपाल में

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 16 अक्टूबर को युवा कथाकार पंकज सुबीर के बहुचर्चित उपन्यास अकाल में उत्सव पर केंद्रित एक पुस्तक चर्चा का आयोजन किया गया है।
भारतीय किसान यूनियन ने 14 अक्टूबर को लखनऊ में बुलाई पंचायत

भारतीय किसान यूनियन ने 14 अक्टूबर को लखनऊ में बुलाई पंचायत

भारतीय किसान यूनियन ने गन्ना ‌किसानों की समस्याओं को लेकर 14 अक्टूबर को लखनऊ में बड़ी किसान पंचायत करने की घोषणा की है। यूनियन का दावा है कि पंचायत में प्रदेश के हर ब्लाक से कम से कम 100 किसान कार्यकर्ता शिरकत करेंगे।
भल्ला का हल्ला अब होम वीडियो पर

भल्ला का हल्ला अब होम वीडियो पर

कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं जो अपने छोटे बजट या कम चमकते चेहरों के चलते रिलीज के समय तो ज्यादा चर्चा और कामयाबी नहीं हासिल करतीं लेकिन धीरे-धीरे उन्हें उनका वाजिब हक मिलने लगता है।
फिल्म समीक्षा – मिर्जिया

फिल्म समीक्षा – मिर्जिया

राकेश ओम प्रकाश मेहरा थोड़े कनफ्यूज निर्देशक हैं। उनकी फिल्म रंग दे बसंती चली जरूरी थी, मगर उसमें भी बहुत कमियां थीं। भाग मिल्खा भाग तो फ्लाप ही थी। वह खुद ही नहीं समझ पाए थे कि मिल्खा को खिलाड़ी के तौर पर दिखाना है या व्यक्ति के तौर पर। अब आई है उनकी बहु प्रतीक्षित फिल्म मिर्जिया जिसे क्यों देखा जाए यह सोचना कठिन पहेली को सुलझाना है।
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