उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शनिवार को मंगोलिया की राजधानी उलनबटोर में मुलाकात की और द्विपक्षीय एवं परस्पर हितों के मुद्दों पर चर्चा की।
बांग्लोदश के जन्म के समय कई लोगोें ने पाकिस्तान की मंशा का विरोध किया था। बांग्लादेश में 30 फीसदी अल्पसंख्यक हैं, जिन्हाेंने पाकिस्तान का साथ दिया था। इनमें सेना, पुलिस, नागरिक सेवक, इस्लामिक समूह जैसे जमात-ए-इस्लामी आदि शामिल थे। बांग्लोदश नेशनलिस्ट पार्टी की खालिदा जिया भी पाकिस्तान के पक्ष में हैं। प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना का भारत की तरफ झुकाव है। हसीना भावुक हैं और कठोर फैसले नहीं ले पाती हैं। इन दोनों बेगमों की विचारधारा और कार्य करने का जो अंतर है, उसी में बांग्लादेश फंस गया है।
आईएसआईएस ने बांग्लादेश में एक हिन्दू आश्रम में काम करने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। मुस्लिम बहुल इस देश में इस्लामी चरमपंथियों द्वारा धर्मनिपरेक्ष कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यकों की लगातार बर्बर हत्या की जा रही है। आईएसआईएस ने इस कदम से एक तरह से प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद काेे भी अपनी मौजूदगी की सूचना दी है। वााजेद नेे कहा था कि उनके यहां आईएसआईएस सक्रिय नहीं हैंं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की अपनी यात्रा के दुसरे पड़ाव कतर में हैं। दोनों प्रमुखों के बीच आधिकारिक मुलाकात में व्यापक मुद्दों पर चर्चा के बाद संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए सात महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले पीएम ने कतर के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलकात के दौरान भारत में निवेश के लिए उद्योग जगत का आह्वान किया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने गुजरात के विवादित और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा को शनिवार को गुजरात लौटने की अनुमति दे दी। वंजारा पर गुजरात के पुलिस अधिकारी रहते हुए इशरत जहां और शोहराबुद्दीन शेख को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप था। अदालत ने उनकी जमानत शर्त को संशोधित करते हुए यह फैसला दिया जिस कारण वंजारा पिछले एक साल से मुंबई में थे।
सालों से फरार चल रहे उल्फा के शीर्ष नेता अनूप चेतिया को बांग्लादेश ने भारत को सौंप दिया है। कई गंभीर अपराधों में वांछित चेतिया पिछले दो दशक से भी अधिक समय से फरार था।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद मुनमुन सेन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी से पार्टी ने दूरी बनाते हुए इसे उनका निजी विचार बताया। तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने एक बयान में कहा, मेरी सहयोगी मुनमुन सेन द्वारा की गई टिप्पणी उनका निजी विचार है, पार्टी का नहीं।
दो काव्य-संग्रह, नदी के पार नदी (2002), नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली, मैं सड़क हूं (2011), बोधि प्रकाशन, जयपुर से प्रकाशित। देश की सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में कविताएं,आलेख,समीक्षाएं प्रकाशित। कुछ संपादित संग्रहों में कविताओं का चयन। हिंदी समय, (महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा) पर काव्य संग्रह' मैं सड़क हूं' की ई पुस्तक सहित कई कविताएं शामिल। कुछ कहानियां/लघु-कथाएं प्रकाशित। दूरदर्शन/आकाशवाणी से कविताओं/कहानियों का प्रसारण।