केंद्रीय राजस्व हंसमुख अधिया ने कहा कि देश की लगभग 8-9 लाख पंजीकृत कंपनियां सालाना रिटर्न नहीं भरती, जिसके कारण ये कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीएमओ ने जो टास्क फोर्स बनाया है वह हर 15 दिन में इन कंपनियों की निगरानी कर रहा है।
तेल, साबुन जैसे रोजमर्रा के उत्पादों से जुड़ा एफएमसीजी उद्योग भारत में सबसे ज्यादा वेतन देने वाला उद्योग बनकर उभरा है। इस उद्योग में सभी स्तरों और कामकाज को मिलाकर कंपनियों की औसत सालाना लागत 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।