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दलेर के गाने पर जैकी चॉन के ठुमके

दलेर के गाने पर जैकी चॉन के ठुमके

शंघाई फिल्म महोत्सव में दर्शक तब हैरत में पड़ गए जब सन 90 के दशक के लोकप्रिय गाने तुनक-तुनक-तुन ता रा रा पर जैकी चॉन खुद को नहीं रोक पाए और सोनू सूद के साथ थिरक पड़े।
प्रियंका के आने से कांग्रेस मुक्त भारत में देर होगी : बाबा रामदेव

प्रियंका के आने से कांग्रेस मुक्त भारत में देर होगी : बाबा रामदेव

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए कमर कस ली है। चंडीगढ़ में हुआ योग उत्सव उसी की कड़ी है। तैयारी के लिए बाबा रामदेव पहुंच चुके हैं। प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा प्रियंका गांधी के आने से कांग्रेस मुक्त भारत होने में देर हो सकती है।
इस पत्रकार ने बताया कैसे मुमकिन हुआ स्वराज

इस पत्रकार ने बताया कैसे मुमकिन हुआ स्वराज

जब हर तरफ सूखे और गर्मी से लोग बेहाल है, तब ऐसे में मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव बघुवार ने पानी बचाने और भूजल सुरक्षित रखने के लिए नई मिसाल कायम की है। हरियाली से भरपूर इस गांव के कुओं और तालाब में इस भीषण गर्मी में भी पर्याप्त पानी है। यह सब संभव हुआ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सिद्धांतों को अपनाकर।
ऐश्वर्या और सोनम ही नहीं, कान में और भी कलाकार बिखेर रहे हैं जलवा

ऐश्वर्या और सोनम ही नहीं, कान में और भी कलाकार बिखेर रहे हैं जलवा

69वें कान फिल्मोत्सव में ऐश्वर्या राय बच्चन और सोनम कपूर जैसी बॉलीवुड हस्तियों के अलावा दूसरे भारतीय फिल्मी सितारे भी समारोह के अलग-अलग कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नीतीश पर युवक ने फेंकी चप्पल

मुख्यमंत्री के जनता दरबार में नीतीश पर युवक ने फेंकी चप्पल

बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक युवक ने चप्पल फेंकीं। हालांकि चप्पल नीतीश कुमार को नहीं लगी और उनकी बगल में जाकर गिरी। जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा बलों ने उस युवक को गिरफ्तार कर लिया।
बेगूसराय में अंतरराष्ट्रीय नाटकों की धूम

बेगूसराय में अंतरराष्ट्रीय नाटकों की धूम

भिखारी ठाकुर पुरस्कार से सम्मानित युवा रंगकर्मी अमित रौशन, राष्ट्रकवि दिनकर की भूमि बेगूसराय के सुपुत्र हैं। वह बिहार थिएटर की दुनिया का ऐसा नाम हैं जिनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि रंगमंच की नहीं लेकिन जिस शिद्दत से उन्होंने रंगमंच को गले लगाया और उसे जी रहे हैं।
विश्व संस्कृति महोत्सव को लेकर जारी खींचतान

विश्व संस्कृति महोत्सव को लेकर जारी खींचतान

संसद से लेकर राष्ट्रीय हरित पंचाट में इस आयोजन के लिए नियमों क अवहेलना करने, सेना का इस्तेमाल करने और पर्यावरण को नुकसान होने के सवाल पर छिड़ी बहस
फिर जी उठे बैजू बावरा

फिर जी उठे बैजू बावरा

11वीं सदी के भारत का महत्वपूर्ण व्यापारिक शहर चंदेरी, जो बुंदेलों और मालवा के शासकों द्वारा बनवाया गया। ऐतिहासिक इमारतों और गुप्त, प्रतिहार, गुलाम, तुगलक, खिलजी, अफगान, गौरी, राजपूत और सिंधिया वंश द्वारा शासित रहा चंदेरी अब खास रेशमी के कपड़ों के लिए भी जाना जाता है। इससे इतर अपने कलात्मक इतिहास के कारण चंदेरी कभी सांस्कृतिक नगरी के रूप में भी जाना जाता था।
मुट्ठी के मुहाने पर तरक्की का आसमान

मुट्ठी के मुहाने पर तरक्की का आसमान

‘शाश्वत विकास से हरियाली, स्वच्छ वातावरण, सभी के लिए समृद्धि, युद्ध के भयरहित शांति और विश्व में सभी देशों में सभी नागरिकों के लिए खुशनुमा स्थान को प्राप्त करने का सामर्थ्य मिलता है।’ स्वर्गीय डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम के यही वे आखिरी शब्द हैं जो उन्होंने 17 जुलाई 2015 को शिलांग के एक व्याख्यान में कहे थे।
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