पाकिस्तान की सेना भारत को असंतुलित करने और कश्मीर विवाद पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मध्यस्थ बनाने की कोशिश के तहत भारत पर हमला करने वाले आतंकवादी संगठनों की लगातार मदद कर रही है।
घने कोहरे के बीच उतरने का प्रयास कर रहा तुर्की एयरलाइंस का एक मालवाहक विमान आज किर्गिस्तान के मुख्य हवाई अड्डे के पास स्थित एक गांव में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 32 लोग मारे गये और घरों को भारी नुकसान पहुंचा। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के एक शीर्ष अधिकारी ने आज कहा कि हाल ही में कोलकाता के ऊपर उड़ान भर रहे तीन विमानों का चालक दल खुद को समय पालन में बेहतर दिखाने के लिए विमान को निर्धारित समय से पहले उतारना चाहता था इसलिए झूठी चेतावनी देकर शरारत कर रहा था। अधिकारी ने उन्हें हटाने की कार्रवाई को सही ठहराया है।
जर्मनी के एक इतिहासकार ने दावा किया है कि सन् 1900 की शुरूआत में अनिवार्य सैन्य सेवा करने में नाकाम रहने पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दादा को जर्मनी से बाहर निकाल दिया गया था।
अमेरिका के शिकागो में एक अमेरिकी एयरलाइंस के विमान में भीषण आग लगने की खबर है। विमान में आग लगते ही हवाईअड्डे पर अफरातफरी मच गई। जिस वक्त ये हादसा हुआ विमान में 170 लोग सवार थे।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ ने कहा कि सेना ने पाकिस्तान के शासन में अक्सर अहम भूमिका निभाई है क्योंकि लोकतंत्र को इस देश के माहौल के अनुसार नहीं ढाला गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन हम किसी को भी पाकिस्तान पर बुरी नजर रखने की अनुमति नहीं देंगे। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, शरीफ ने यह टिप्पणी जम्मू एवं कश्मीर में और नियंत्रण रेखा पर हाल की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई मंत्रिमंडल की एक बैठक में की।
कश्मीर में उड़ी हमले के करीब दस दिन बाद भारत ने आखिरकार कार्रवाई कर दी है। भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके 35 से 38 आतंकवादियों को ढेर किया है। भारतीय डीजीएमओ की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गुरुवार को हमले पर जानकारी दी गई। इधर पाक ने कहा है कि क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में उसके दो सैनिक मारे गए हैं।
हम कितनी भी कोशिश कर लें- कूटनीतिक औजार कभी पाकिस्तान के साथ काम नहीं आते। अरसे से भारत का यही अनुभव रहा है। हमारे सामने हमेशा यही स्थिति बन जाती है कि बदनाम देश को हम और कितना बदनाम करें?