अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर है। आने वाले दिनों में मरीज यहां 500 रुपये से कम की कीमत वाले टेस्ट मुफ्त में करा सकेंगे।
गोरखपुर स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में 79 बच्चों की मौत की विस्तृत रिपोर्टिंग से खीजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मीडिया को इस मामले में वास्तविक तस्वीर दिखने का आग्रह किया।
श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में रोहित शर्मा की टेस्ट टीम में वापसी हुई है, लेकिन गॉल और अब कोलंबो में खेले जा रहे टेस्ट मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल पाई।
महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाने के लिए उसका पति स्वास्थ्य केंद्र से करीब डेढ़ घंटे तक गुहार लगाता रहा। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला को एंबुलेंस नहीं मिली।
जम्मू-कश्मीर के उरी और नौगाम में आज एक बार फिर आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की इस कोशिश को नाकाम करते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया है। इस गोलीबारी में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया है।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नोटबंदी पर अपनी चिंता जाहिर की है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का विकास धीमा पड़ने की वजह नोटबंदी है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था केवल सार्वजनिक व्यय के इंजन पर चल रही है। लाखों नौकरियां खत्म हो रही है और निजी क्षेत्र का निवेश ध्वस्त हो गया है।
मंगलवार 30 मई को देश भर में दवा दुकानें बंद रहेंगी। दवाओं की बिक्री संबंधी बने कड़े नियमों के खिलाफ दवा विक्रेताओं ने बंद का ऐलान किया है। वे एक दिन के लिए अपनी दुकानें बंद रखेंगे। माना जा रहा है कि इसमें करीब 9 लाख दवा दुकान शामिल होंगे।
केंद्र सरकार ने आज कहा कि आने वाले दिनों में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) व्यवस्था के तहत स्माोर्टफोन, सीमेंट और मेडिकल उपकरणों को खरीदना सस्ता हो जाएगा। वहीं, जीएसटी के तहत पूजा सामग्री को 'शून्य' श्रेणी में रखा गया है। जीएसटी काउंसिल ने कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी टैक्स की दरें पिछले हफ्ते ही तय कर दी थीं।
देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ये है कि दुनिया में स्वास्थ्य सेवाओं के मामलों में भारत का 154 वां स्थान है। 195 देशों की सूची में भारत की ऐसी स्थिति संकेत कर रही है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत है।
आईटी क्षेत्र की नौकरियों पर एक नया खतरा मंडराने लगा है। अगले तीन वर्षों के दौरान आईटी क्षेत्र में सालाना करीब दो लाख लोगों की छंटनी हो सकती है। डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन का तेजी से प्रसार इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है।