वर्ष 2008 की वैश्विक मंदी की सटीक भविष्यवाणी करने वाले अर्थशास्त्री और आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन ने चेतावनी दी है कि विश्व अर्थव्यवस्था के सामने 1930 जैसी महामंदी का खतरा पैदा हो सकता है।
बंबई हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ धन शोधन और जमीन कब्जाने के आरोपों में जांच के लिए राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को दो महीने के भीतर जांच पूरी करके रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देेते हुए गुरुवार को कहा कि ब्यूरो पहले ही छह महीने से अधिक समय ले चुका है।
सिनेमाघरों में धूम मचा रही हॉलीवुड फिल्म जुरासिक वर्ल्ड में एक ऐसे पार्क की परिकल्पना की गई है जिसमें आप डायनासोर की दुनिया को नजदीक से देख सकते हैं और अब ऐसा पर्दे से बाहर हकीकत की दुनिया में संभव होने जा रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि हकीकत की दुनिया में दिखने वाले ये विशालकाय जीव त्रिआयामी तकनीक और रोबोटिक तकनीक से निर्मित होंगे।
बाजार तरह-तरह के फास्ट फूड से अटे पड़े हैं। रेडीमेट रोटियों से लेकर रेडी-टू-ईट दाल-सब्जी। स्नैक्स का तो अंत नहीं। लेकिन सभी के बीच लोकप्रियता का जो सिंहासन मैगी को मयस्सर था वह किसी और को नहीं। मैगी में हानिकारक सीसा की मात्रा ज्यादा होने की खबर क्या आई, 1300 करोड़ का मैगी का बाजार धड़ाम से औंधे मुंह गिर गया। ऐसे में कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुईं तो किसी ने मैगी से जुड़ी यादें ताजा कीं। किसी ने चुटकले बना डाले तो किसी को इसके पीछे राजनीति लगी। कई लोग इस विवाद के पीछे बाबा रामदेव की मैगी लांच होने की अटकलें लगा रहे हैं। अचानक से सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर स्वास्थ्यवर्धक जानकारियों का भी रेला आ गया-
आने वाली फिल्म एंड मैन की धूम मची हुई है। लेकिन चर्चा है कि एंट मैन जैसी हरकतें करता है वह काफी कुछ स्पाइडर मैन से मिलती जुलती हैं। अभी फिल्म प्रदर्शित नहीं हुई है लेकिन चर्चा चल पड़ी है कि अगर एंट मैन भी स्पाइडर मैन की तरह ही स्टंट दिखाएगा तो फिर नए सुपरहीरो की क्या जरूरत है।
पंजाब सरकार ने सोशल मीडिया द्वारा राज्यों के लोगों से जुड़ने का फैसला किया है। इसके पीछे कारण है कि प्रदेश की जनता तक सरकार की योजनाएं पहुंचाई जा सकें और आम लोगों से सीधे बातचीत की जा सके। सरकार फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और वर्डप्रेस जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बात रखेगी और जनता से मुखातिब होगी।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल किस प्रकार अफवाहें फैलाने के लिए किया जाता है यह हम अतीत में देख चुके हैं मगर अब मुख्यधारा का मीडिया भी इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त हो जाए तो लोगों को और अधिक सावधान रहने की जरूरत है।
आलोक कुमार और जितेन्द्र कुमार को नीति आयोग में पांच साल के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियां शनिवार से प्रभावी हो गई हैं। आलोक उत्तर प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जबकि जितेंद्र उत्तराखंड कैडर के 1987 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी हैं।