सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू का मानना है कि लोकतंत्र में मीडिया का नियमन नहीं कर सकते तथा स्वनियमन ही अच्छा होता है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि एेसा महसूस किया जा रहा है कि सोशल मीडिया बेलगाम होता जा रहा है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट ने केंद्र की मोदी सरकार के विकास के दावों पर गहरी चोट पहुंचाई है। बैंक की वार्षिक रिपोर्ट कहती है कि भारत कारोबार करने में आसान देशों की रैकिंग में 130 वें पायदान पर है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारत में कारोबार करना कितना कठिन है। पिछले साल के मुकाबले भारत की रैंकिंग में हालांकि एक पायदान का सुधार हुआ है, लेकिन वो भी इसलिए क्योंकि विश्व बैंक ने भारत की पिछले साल की रैंकिंग को संशोधित कर 130 वें स्थान से 131वें स्थान पर कर दिया। इसे मानने की बजाय केंद्र की मोदी सरकार ने इस रिपोर्ट पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
लैंगिक समानता के मामले में पिछले साल की तुलना में 21 स्थानों की बढ़त हासिल करने के बावजूद भारत को वैश्विक स्तर पर बेहद पिछड़ा यानी 87वां स्थान मिला है। भारत को मिली बढ़त मुख्यत: शिक्षा में हुई प्रगति के कारण है। इस सूची में आइसलैंड शीर्ष पर है।
जन सरोकारसे जुड़कर रचने जनने की परंपरा को प्रोत्साहित कर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अक्टूबर 2012 की 12 तारीख से शुरू साहित्यिक संस्था हुत की रचना पाठ श्रृंखला कल्वे कबीर के नाम से सोशल मीडिया में चर्चित कवि कृष्ण कल्पित के कविता पाठ के साथ 34 वां पायदान पार कर गई।
यूनीसेफ इंडिया और बीबीसी मीडिया एक्शन इंडिया ने मंगलवार को सामाजिक बदलाव के संदेश को समेटे किशोरों पर आधारित एक टी.वी सीरियल का शुभारंभ किया। इस सीरियल के कथानक में किशोरों की समस्याओं और उनके खिलाफ कोशोरों के खड़े होने को बेहद ही रोचक तरीके से पेश किया गया है।
बेस्टसेलर किताबों के लेखक चेतन भगत को लगता है कि सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर दबंगों का श्मशान है। सोशल मीडिया में अक्सर चेतन भगत पर निशाना साधा जाता है। उन्होंने सेलिब्रिटीज के खिलाफ लामबंद गिरोह ट्विटराटी पर हमला बोलते हुये कहा कि उनकी कार्रवाई भीड़ से उपजी मानसिकता को प्रदर्शित करती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सीबीआई से कहा कि वह बिहार में पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले की जांच तीन माह में पूरी करे। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने यह स्पष्ट कर दिया कि हत्या मामले का कोई भी आरोपी आरोप पत्र दायर नही होने के आधार पर जमानत न मांगे।
देश में भले ही जोर-शोर से कहा जा रहा हो कि हर तरफ विकास हो रहा है लेकिन विश्व मंंच में भारत की स्थिति कोई बेहतर नहीं कही जा सकती। वाशिंगटन स्थित इंटरनेशनल फूड पालिसी रिसर्च इंस्टिच्यूट (आईएफपीआरआई) की एक रिपोर्ट में भारत भूखे देशों की सूची में शुुमार है।