मैन आफ द मैच ओलिवर गिरोड के दो गोल की मदद से फ्रांस ने यूरो 2016 फुटबाल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई लेकिन 2-5 की हार के बावजूद आईसलैंड ने टूर्नामेंट से शान के साथ विदाई ली।
कनाडा में एक सिख व्यक्ति को एक नायक की तरह सराहा जा रहा है क्योंकि उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी पगड़ी की मदद से नदी में डूब रही लड़की को बाहर निकाल लिया।
मलेशिया की एक महिला ने पेट्रोल पंप पर जब अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया तो वहां आग लग गई, जिससे वह 60 फीसदी तक झुलस गई। यह घटना संकेत दे रही है कि पेट्रोल पंप में मोबाइल फोन का इस्तेमाल आपके लिए खतरनाक हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए 21वीं बार देशवासियों को सम्बोधित किया। यह कार्यक्रम टीवी और रेडियो पर प्रसारित किया गया। पीएम ने इस दौरान कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
मध्य चीन में एक टूरिस्ट बस के रेलिंग से टकराने के बाद लपटों से घिर जाने की वजह से कम से कम 35 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। यह घटना हुनान प्रांत में हुई। बस में 56 लोग सवार थे।
झूठी शान की खातिर 1980 में हुई हत्या के एक मामले में दोषी करार दिए गए बिस्तर पर पड़े 92 वर्षीय एक व्यक्ति को आखिरकार जेल जाना पड़ेगा क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने से उसे कोई भी छूट प्रदान करने से मना कर दिया।
देशवासियों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के इरादे से चार विभिन्न क्षेत्राें में परास्नातक युवक अपने काम-धंधे छोड़कर साइकिलों पर 4500 किमी की यात्रा पर निकलेंगे। उनकी यह यात्रा 17 जून को कन्याकुमारी से शुरू होगी और 50 दिन बाद 6 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस के मौके पर लेह में समाप्त हो जाएगी। इनमें से तीन युवक अलग-अलग वर्गाें में राष्ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मथुरा में अतिक्रमणरोधी एक अभियान के दौरान हुई हिंसा में शहर पुलिस अधीक्षक तथा एक थाना प्रभारी सहित 21 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और गोलीबारी में 40 से अधिक लोग घायल हो गए। हमले में 19 अतिक्रमणकारियों की भी मौत हुई है।
मीडिया में मथुरा हादसे के पीछे पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार माना जा रहा है। खबरों के अनुसार पुलिस बिना पूर्व तैयारी के अतिक्रमण हटाओ अभियान को अंजाम देने पहुंच गई थी और वह भी बिना हेलमेट और बुलेट प्रूफ जैकेट के साथ। पुलिस ने अगर यह लापरवाही की है तो उसे यह दोष दिया जा सकता है। लेकिन बेतुकी मांगों के साथ धरने की आड़ में 250 एकड़ की जमीन पर कब्जा करने वाले उन अतिक्रमणकारियों के साथ क्या सलूक होना चाहिए, जो कोर्ट के आदेश के बाद भी वहां से हटने का नाम नहीं ले रहे थे।