महागठबंधन के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार का आरजेडी को झटका देकर एनडीए से हाथ मिलाना फिलहाल सोशल मीडिया में सबसे बड़ा बहस का मुद्दा बना हुआ है। इस दौरान सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार ट्रोल हो रहे हैं। उनकी एक तस्वीर भी वायरल हो रही है।
नीतीश कुमार महागठबंधन की गाठें छुड़ाकर अपने पुराने साथी रहे एनडीए से गठजोड़ कर चुके हैं। सियासी गलियारों में इस घटना ने हलचल तेज कर दी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि एनडीए के विरोध में महागठबंधन के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार एकाएक पाला बदलकर कैसे ‘कमल’ में रंग भरने को तैयार हो गए?
भारतीय टीम के तेज गेंदबाजों में शुमार जसप्रीत बुमराह ने टी-20 और चैम्पियन ट्राफी में बेहतर प्रदर्शन किया है। शानदार गेंदबाजी से खेल प्रेमियों की जुबां पर बुमराह का नाम है, लेकिन उभरते खिलाड़ी के दादा मुफलिसी की जिंदगी जी रहे हैं। वे उत्तराखंड के किच्छा में रहकर टैम्पो चलाने को मजबूर हैं।
उथल पुथल के इस दौर में लगता है राजनीति की तरह बाजार में भी महागठबंधन का युग आ गया है। जिस तरह करिश्माई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकस्त देने के लिए बाकी पार्टिया आपसी दुश्मनी को तिलांजलि देकर गठबंधन करने को मजबूर हो रही हैं, उसी तरह भारतीय टेलीकॉम उद्योग बाजार में मुंकेश अंबानी के जियो के लगातार बढ़ते प्रभाव को टक्कर देने के लिए दो टेलीकॉम दिग्गजों वोडाफोन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर ने महागठबंधन का सहारा लिया है। मजे की बात है अब तक जिनके खिलाफ गठबंधन को आजमाने की कोशिशें शुरु हुई हैं वे दोनों, मोदी और मुकेश अंबानी, गुजरात के हैं।
पूर्व विश्व शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद को भरोसा है कि 2016 में मिश्रित सफलता के बाद वह वापसी करने में सफल रहेंगे और उन्होंने कहा कि वह इस साल ग्रैंड चेस टूर और विश्व कप में हिस्सा लेंगे। ग्रैंड चेस टूर में इस साल पांच टूर्नामेंट होंगे।
मेरा बेटा 26 दुश्मनों को मारने के बाद शहीद हुआ था। जब यह घटना घटी उस वक्त केंद्र में सरकार भाजपा की थी। उस दौरान हमसे कई तरह के वादे किए गए थे जो पूरे नहीं हुए और आज जब मेरी पोती गुरमेहर को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है तब भी सरकार भाजपा की है। यह दर्द है रामजस विवाद में चर्चा आई गुरमेहर कौर के दादा कंवलजीत सिंह का।