मां-बाप के द्वारा 'बच्चे का भविष्य' संवारने के उद्देश्य से उन्हें स्कूल भेजा जाना, फिर उस बच्चे का कभी न लौटकर आना या कुछ ऐसे घाव साथ लेकर आना जिससे उबरने में शायद जिंदगी बीत जाए। ऐसे मां-बाप पर क्या गुजरेगी?
समाचार एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने निजी स्कूलों से कहा है कि वो कैश, एफडी या ड्राफ्ट के रूप में ये पैसा जमा करा सकते हैं। बता दें कि 2006 से 2009 तक 32 महीने की फीस मनमाने ढंग से वसूली गई।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 375 रन बनाए। इस विशाल स्कोर के सामने श्रीलंकाई टीम सिर्फ 207 रनों पर ऑल आउट हो गई।