फिल्म निर्माता तिग्मांशु धूलिया क्रिकेट के बाहर अनजान और साहसी संघर्ष के लिए पहचाने गए एक दलित गेंदबाज बालू पालवणकर के जीवन पर फिल्म बनाने वाले हैं। यह फिल्म बाएं हाथ के स्पिनर बालू पालवणकर की कहानी बयां करेगी, जिन्होंने वर्ष 1900 की शुरुआत में हिंदू जिमखाना क्लब के लिए खेला था। बालू दलित समुदाय के पहले सदस्य थे जिन्होंने इस खेल पर अपनी महत्वपूर्ण छाप छोड़ी। अपने समय के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर होने के बाद भी बालू को दलित होने के कारण कभी टीम का कप्तान नहीं बनाया गया।
एक गैर सरकारी संगठन ने रविवार दावा किया कि पश्चिमी मोसुल में तकरीबन साढ़े तीन लाख बच्चे फंसे हैं जबकि इराकी सेना ने सामरिक महत्व के इस शहर पर कब्जा जमाए उग्रवादियों के खिलाफ ताजा हमले शुरू किए।
ऑस्ट्रेलिया के गिरजाघरों में बाल यौन शोषण संबंधी एक जांच के जो आकंड़े सामने आए हैं वह चौंकाने वाले हैं और उनका बचाव नहीं किया जा सकता। इनसे पता चलता है कि वर्ष 1950 से 2010 के बीच सात फीसदी कैथोलिक पादरियों पर बाल शोषण के आरोप लगे थे लेकिन इनकी कभी जांच नहीं की गई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए व्यवस्था दी है कि बलात्कार के कारण जन्म लेने वाला बच्चा उसकी मां को मिले किसी भी तरह के मुआवजे से अलग मुआवजे का हकदार है।
मुस्लिमों के साथ मजहब के नाम पर और दलितों के साथ जाति के नाम पर भेदभाव होने का दावा करते हुए प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उल उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने आज दलित और मुस्लिम समाज से एकजुट होने का आह्वान किया।
स्माइल अंतरराष्ट्रीय बाल एवं युवा फिल्म महोत्सव (सिफ्फकी) अपने दूसरे संस्करण में इस साल दिसंबर में 100 से ज्यादा फिल्मों के साथ एक बार फिर राजधानी दिल्ली में धूम मचाने को तैयार है। सप्ताह भर चलने वाले इस फिल्मोत्सव की शुरआत पांच दिसंबर से सिरी फोर्ट सभागार में होगी।
गाजीपुर रैली में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा नोटों की माला वाली टिप्पणी पर भडकीं मायावती ने रैली को बुरी तरह फ्लॉप ठहराते हुए आरोप लगाया कि रैली के जरिये भारी मात्रा में काला धन खपाया गया और उसमें लोगों को ढाई-ढाई सौ रूपये देकर बुलाया गया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गाजीपुर में पूरे भाषण के दौरान जो भी कहा, थोथा चना बाजे घना की तरह था।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी एल पूनिया ने मोदी सरकार में दलितों पर अत्याचार के मामले बढ़ने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि भाजपा का दलित प्रेम सिर्फ दिखावा है क्योंकि यह पार्टी दलित समुदाय से जुड़े असली मुद्दों पर आंख मूंद लेती है।
गुजरात के दलित समुदाय के 200 से अधिक लोगों ने विजयादशमी के मौके पर बौद्ध संगठनों द्वारा आयोजित तीन अलग-अलग कार्यक्रमों में बौद्ध धर्म अपनाया। वहीं राज्य के 90 अन्य लोगों ने नागपुर में धर्मांतरण किया और इस तरह कुल 300 से अधिक दलितों ने बौद्ध धर्म को ग्रहण किया।