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डायपर बेबी हैं राहुल गांधी : भाजपा

डायपर बेबी हैं राहुल गांधी : भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी के हमले के कुछ ही देर बाद भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष अब भी डायपर बेबी हैं। राहुल ने भूमि विधेयक और ललित मोदी विवाद सहित कई मुद्दों पर केंद्र और राजस्थान सरकारों को निशाना बनाया तो भाजपा सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने भी तुरंत ही प्रेस ब्रीफिंग कर राहुल पर पलटवार किया।
भाजपा के रथ के सामने टमटम उतारेंगे लालू

भाजपा के रथ के सामने टमटम उतारेंगे लालू

राजद टमटम (तांगा) के जरिये भाजपा के परिवर्तन रथ का मुकाबला करेगा, जिसे विधानसभा चुनाव से पहले राजग की नीतियों के बारे में जनता को अवगत करने के लिए बिहार में निकाला जा रहा है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी 1000 टमटमों के साथ 160 परिवर्तन रथों का मुकाबला करेगी।
जनगणना के जातिवार आंकड़ेः सरकार ने टाली अपनी बला

जनगणना के जातिवार आंकड़ेः सरकार ने टाली अपनी बला

जाति आधारित जनगणना के आंकड़े जारी नहीं करने को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढि़या की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया है। यह समूह जाति के आधार पर आंकड़ों का वर्गीकरण करने के लिए बनाया गया है।
भूमि विधेयक पर नीति आयोग राजनीति की काली छाया

भूमि विधेयक पर नीति आयोग राजनीति की काली छाया

मानसून पूर्व नीति आयोग की राजनीति से लोकसभा के मानूसन सत्र और भूमि अधिग्रहण विधेयक पर घनघोर काली घटाएं मंडराने लगी हैं। मतलब लोकसभा में गर्जन-तर्जन होगा, बिजली कड़केगी, विपक्ष की बौछार तेज पड़ेे और संसद बाधित होती। 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है और इस सत्र से पहले नीति आयोग की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भूकंप ने बदल दी सियासत

भूकंप ने बदल दी सियासत

काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद जब वहां के स्थानीय समाचार पत्रों पर नजर दौड़ाई तो पाया कि भूकंप की त्रासदी की चर्चा कम, संविधान की चर्चा ज्यादा है। हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद बातचीत के क्रम में जब लोगों से जानना चाहा कि अब भूकंप के बाद क्या‍ स्थिति है तो लोग भूकंप की बजाय देश के संविधान पर बात ज्यादा कर रहे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक अगर भूकंप नहीं आता तो शायद राजनीतिक दल संविधान को लेकर इतनी जल्दी सक्रिय नहीं होते।
शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

1985 तक शिवसेना केवल मुंबई तक ही सीमित थी। महाराष्ट्र में इसके प्रसार का श्रेय छगन भुजबल को जाता है। शरद पवार 1986 में अपने कांग्रेस विरोधी समूह को सकते में छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उस वजह से बने खाली स्थान को शिवसेना ने भरा। आज भी मुंबई की शिवसेना और बाकी महाराष्ट्र की शिवसेना में अंतर है।
बिहार से निकलेगी दिल्‍ली की राह?

बिहार से निकलेगी दिल्‍ली की राह?

पुरानी राजनीति में पगे पर्यवेक्षक बार-बार पूछ रहे हैं कि लालू प्रसाद अपने अहम और जनाधार की आशंकाओं को ताक पर रखकर नीतीश के नाम पर राजी कैसे हो गए। लालू के निजी हावभाव भरमाने वाले भले रहे हों, सार्वजनिक तौर पर उनके वक्तव्य पिछले लोकसभा चुनावों में हार के बाद पिछले उपचुनावों के वक्त से ही भाजपा विरोधी संयुक्त मोर्चे के लिए प्रतिबद्धता के रहे हैं।
चुनाव से पहले बिहार वासियों से पीएम की अपील

चुनाव से पहले बिहार वासियों से पीएम की अपील

बिहार के विधानसभा चुनावों से पहले बिहार की जनता तक पहुंच बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उन्हें जाति के बंधन से ऊपर उठकर सच्चे व्यक्ति का समर्थन करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की दो महत्वपूर्ण कृतियों ‘संस्कृति के चार अध्याय’ और ‘परशुराम की प्रतीक्षा’ के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर यहां आयोजित समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बातें कहीं।
अचानक सबको भाने लगे महाराणा प्रताप

अचानक सबको भाने लगे महाराणा प्रताप

महाराणा प्रताप अचानक देश की राजनीति में महत्वपूर्ण हो गए हैं। तभी तो उनकी जयंती को पूरे देश में राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस मांग को लेकर देश भर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है और बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं तेलंगाना में यह अभियान जोरों पर है।
तीसरे विकल्‍प पर पप्पू यादव का दांव, बनाया नया मोर्चा

तीसरे विकल्‍प पर पप्पू यादव का दांव, बनाया नया मोर्चा

कभी लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी रहे पप्‍पू यादव ने अब जन क्रांति अधिकार मोर्चा बनाकर बिहार में तीसरे विकल्‍प की राजनीति पर दांव लगाया है।
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