उत्तर प्रदेश में राज्य मंत्री स्वाति सिंह द्वारा लखनऊ में बीयर बार के उद्घाटन किए जाने पर जमकर हंगामा हो रहा है। कांग्रेस ने इसे शराबबंदी के लिए प्रदर्शन कर रही महिलाओं का अपमान करार दिया है। वहीं इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रिपोर्ट मांगी है।
केंद्रीय कैबिनेट ने विदेशी निवेश प्रमोशन बोर्ड को समाप्त किए जाने को मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक कार्यों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दिए जाने संबंधी नीति का भी अनुमोदन कर दिया है।
वीवीआईपी कल्चर की प्रतीक गाड़ियों पर लगने वाली लाल बत्ती पर मोदी सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। बुधवार को मोदी सरकार ने इस वीआईपी कल्चर को खत्म करने का फैसला लेते हुए लाल बत्ती पर रोक लगा दी है।
उत्तयर प्रदेश योगी आदित्य नाथ सरकार अपनी पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार की ‘समाजवादी’ योजनाओं के नाम बदने का फैसला किया है। गुरुवार देर रात कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। मीडिया के मुताबिक अब अखिलेश यादव सरकार की जिन योजनाओं में समाजवादी शब्द जुड़ा था उनकी जगह ‘मुख्यमंत्री’ शब्द जोड़ने का फैसला किया गया है। इसके अलावा 14 अप्रैल से सूबे के हर जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली देने का निर्णय किया गया। जेवर एयर पोर्ट को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश, पाला बदलकर वाईएसआरसी से तेदेपा में शामिल हुए चार विधायकों और छह अन्य रविवार को आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल में शामिल किये गये जबकि पांच मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
केंद्र की मोदी सरकार की कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह अब एक नया आयोग बनाया जाएगा, जिसे संवैधानिक दर्जा भी दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। योगी ने पीएम के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। इस दौरान योगी ने मंत्रियों को मंत्रालय दिए जाने पर भी चर्चा की। इसके अलावा राज्य की डेवलपमेंट स्कीम्स पर भी बातचीत की।
उत्तरप्रदेश की नयी सरकार के 20 मंत्रियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि पंजाब के दो मंत्रियों के खिलाफ मामले हैं। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। धन के मामले में उत्तरप्रदेश के 35 मंत्री करोड़पति हैं जबकि पंजाब में नौ मंत्री करोड़पति हैं।
केंद्रीय कैबिनेट ने आज गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के अनुपूरक बिलों को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद इन बिलों को संसद में पेश किया जाएगा। इन बिलों के पास होने के बाद जीएसटी को कानूनी आधार मिल जाएगा और 1 जुलाई से इसे लागू करना आसान हो सकेगा।