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Search Result : "Water Security"

महबूबा की अलगाववादियों को फटकार

महबूबा की अलगाववादियों को फटकार

जम्मू कश्मीर में पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार बनने के बाद लोगों के बीच एक उम्मीद की नई किरण देखने को मिल रही है। इस सरकार से लोगों को काफी आशाएं हैं। आन्तरिक सुरक्षा को लेकर गठबंधन सरकार के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हैं जैसे सीमापार घुसपैठ, अलगाववादियों से निपटना और आतंकी हमलों को काबू करना प्रमुख हैं। जब तक इन चुनौतियों पर काबू नहीं पाया जाएगा तब तक कश्मीर घाटी के लोगों का जीवन स्तर नहीं सुधर सकता है।
पांच जून से हरियाणा में जाट आंदोलन की चेतावनी, खट्टर सरकार हाई कोर्ट जाएगी

पांच जून से हरियाणा में जाट आंदोलन की चेतावनी, खट्टर सरकार हाई कोर्ट जाएगी

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एबीजेएएसएस) ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए पांच जून से हरियाणा में फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए हरियाणा में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य के 8 जिलों में धारा 144 लगाई गई है। आंदोलन को रोकने के लिए खट्टर सरकार हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करेगी।
बहस शुरु, क्या जल को समवर्ती सूची में शामिल कर लिया जाए

बहस शुरु, क्या जल को समवर्ती सूची में शामिल कर लिया जाए

भूजल स्तर में लगातार गिरावट आने, शहरों का विस्तार होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी, जलवायु परिवर्तन, देश के 20 राज्यों में जल विषाक्तता के बीच जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण को लेकर एक समग्र, व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग के साथ जल को संविधान की समवर्ती सूची में रखने के विचार पर बहस शुरू हो गई है।
फोन पर राष्ट्रपति भवन उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हरकत में

फोन पर राष्ट्रपति भवन उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हरकत में

दिल्ली स्थित अतिसुरक्षित राष्ट्रपति भवन को एक व्यक्ति ने उड़ाने की धमकी दी है। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा अधिकारी समेत सुरक्षा एजेंसियां फौरन हरकत में आ गईं।
माल्‍या लौटने को राजी, चाहते हैं आजादी और सुरक्षा, लोन भी चुकाएंगे

माल्‍या लौटने को राजी, चाहते हैं आजादी और सुरक्षा, लोन भी चुकाएंगे

बैंकों के 9000 करोड़ का लोन नहीं चुकाने पर दिवालिया घोषित हो चुके विजय माल्या जल्‍द भारत लौटना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए उन्‍होंने कुछ शर्त रखी है। मीडिया की खबरों के अनुसार माल्या का कहना है कि उनकी सुरक्षा और आजादी का सरकार को पूरा भरोसा देना होगा।
गंगा में पानी हो रहा कम, निर्मल और अविरल धारा की कलकल हो जाएगी धीमी

गंगा में पानी हो रहा कम, निर्मल और अविरल धारा की कलकल हो जाएगी धीमी

किसी भी नदी की अविरल धारा बनाये रखने के लिए नदियों में देशांतरीय संयोजना एवं पर्याप्त प्रवाह जरूरी है लेकिन गंगा नदी में सर्दी और गर्मी के महीने में कई स्थानों पर पानी का प्रवाह रूक जाता है, साथ ही गंदे जल एवं औद्योगिक अपशिष्ट का प्रवाह जारी रहता है। इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए नमामि गंगे योजना के तहत गंगा की धारा की निर्मलता, पर्याप्त प्रवाह एवं स्वच्छता को बहाल करने को सरकार प्रमुखता दे रही है।
जानिएं, क्‍यूं रालेगण सिद्धि में ही अन्‍ना का हुआ विरोध

जानिएं, क्‍यूं रालेगण सिद्धि में ही अन्‍ना का हुआ विरोध

अन्‍ना के जल संरक्षण मॉडल से उनके गांव वाले ही उनसे नाराज हो गए हैं। अन्‍ना के सामाजिक जीवन में शायद यह पहली बार हो रहा है। जब उनके अपने लाेगों ने ही उनका विरोध किया है। गांव के किसान वाटर लेबल में सुधार के लिए बोरवेल भरे जाने की अन्‍ना की मुहिम को दरकिनार करते हुए एकमत होकर कहा है कि हम हर बार अन्‍ना की नहीं सुनेंगे।
पानी के लिए त्राहिमाम

पानी के लिए त्राहिमाम

देश पानी के भीषण संकट से गुजर रहा है। मराठवाड़ा के हालात पर हर दिन चर्चा हो रही है। सुरक्षा बल के साथ वहां पानी की ट्रेन भेजी गई और कई लोग पूरे दिन में सिर्फ एक गिलास पानी पर रहने को मजबूर हैं। उत्तर प्रदेश में पानी हर साल संकट और तबाही का कारण बनता रहा है। किसी साल बाढ़ तो किसी साल सूखे की त्रासदी झेलने को मजबूर उार प्रदेश में गर्मी का मौसम शुरू होते ही 50 जिले सूखे की चपेट में आ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो दशकों में कभी भी मार्च के अंत और अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में ऐसे विकराल रूप में सूखा नहीं पड़ा। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त की मानें तो राज्य के पचास जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है। ऐसे 21 जिले हैं जिसमें किसानों को 33 प्रतिशत फसल का नुकसान हुआ है। जहां तक सूखा पीड़ित क्षेत्रों के किसानों को सरकारी मदद का सवाल है, यह मदद उन्हीं किसानों को दी जाएगी जिनकी 33 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट हुई है। अभी मई और जून की भीषण गर्मी के दिनों में और भी जिलों के सूखा प्रभावित होने आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पूर्वी उत्तर प्रदेश के चार मंडलों के बीच जिलों में पानी के स्रोत सूख चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार सबसे खतरनाक स्थिति भूगर्भ जल स्तर के औसतन छह से नौ फुट तक नीचे जाने के कारण उत्पन्न हुई है। इन जिलों के डेढ़ हजार से अधिक कुओं का जलस्तर न्यूनतम होने के कारण कुएं सूख गए हैं। 80 प्रतिशत से अधिक हैंडपंप सूख चुके हैं।
व्हाट्सऐप के इनक्रिप्शन फीचर पर चिंता

व्हाट्सऐप के इनक्रिप्शन फीचर पर चिंता

सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्सऐप द्वारा शुरू किए नए इनक्रिप्शन पर चिंता जताते हुए कहा है कि राष्ट्रविरोधी तत्व अपने नापाक इरादों के लिए इसका दुरूपयोग कर सकते हैं।