ब्राजील ने पराग्वे को 2-0 से हराकर विश्व कप फुटबाल में क्वालीफिकेशन की ओर अगला कदम रख दिया जबकि लियोनेल मेस्सी के निलंबन के बाद अर्जेंटीना की राह मुश्किल हो गई है।
आस्ट्रेलिया के शान टैट ने अपने चोटों से भरे करियर को अलविदा कह दिया। उन्हें लगता है कि अब उम्र उन पर हावी होने लगी है। दुनिया के तेज गेंदबाजों में से एक टैट ने आस्ट्रेलिया के अंतिम मैच जनवरी 2016 में खेला था। उन्होंने कहा कि अब उन्हें महसूस होने लगा है कि उम्र का असर उनके शरीर पर हो रहा है।
ब्राजील उरूग्वे को हराकर विश्व कप फुटबाल में अपनी जगह पक्की करने के करीब पहुंच गया जबकि लियोनेल मेसी चिली के खिलाफ अपने एकमात्र गोल के दम पर अर्जेंटीना का क्वालीफिकेशन अभियान फिर से पटरी पर ले आये।
पूर्व विश्व शतरंज चैम्पियन विश्वनाथन आनंद को भरोसा है कि 2016 में मिश्रित सफलता के बाद वह वापसी करने में सफल रहेंगे और उन्होंने कहा कि वह इस साल ग्रैंड चेस टूर और विश्व कप में हिस्सा लेंगे। ग्रैंड चेस टूर में इस साल पांच टूर्नामेंट होंगे।
लिपस्टिक अंडर माय बुर्का पर फिल्म प्रमाणन बोर्ड के इनकार के बाद बयानबाजी का दौर चल पड़ा है। फरहान अख्तर, कबीर खान, नीरज घायवान, सुधीर मिश्रा, रेणुका शहाणे जैसे सितारे इस फिल्म के पक्ष में आ गए हैं। लेकिन इसी मसले पर शाहरुख खान ने चुप्पी साध ली है।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा लिपस्टिक अंडर माय बुर्का को सर्टिफिकेट न दिए जाने के बाद इस फिल्म और इसके निर्माता प्रकाश झा के विरोध में फतवा जारी कर दिया है। भोपाल में मुस्लिम त्योहार कमेटी की मजलिस ए शूरा ने फतवा जारी किया है। फतवे में फिल्म निर्माता प्रकाश झा को भोपाल न आने की चेतावनी भी दी गई है।
वैश्वीकरण का लाभ केवल दुनिया के धनी लोगों को ही मिलने को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत के सबसे धनी उद्योगपति मुकेश अंबानी ने खुली बाजार अर्थव्यवस्था का पक्ष लिया और कहा कि संपत्ति सृजन को रोका नहीं जाना चाहिये क्योंकि समाज में संपत्ति वितरण के लिये संपत्ति सृजन जरूरी है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति और औद्योगिक नवप्रवर्तन के लिये तैयार है।
दावोस में विश्व आर्थिक मंच की शुरूआत से पहले, ऑक्सफेम ने आज कहा कि आठ व्यक्तियों के पास उतनी संपत्ति है जितनी दुनिया की आधी आबादी के पास है और इससे हमारे समाजों में विभाजन का खतरा पैदा होता है।
विश्व पुस्तक मेले का आज आखिरी दिन रहा और इसमें भाग लेने वाले प्रकाशकों ने पिछले सालों की तुलना में किताबों की बिक्री से अच्छा लाभ हासिल किया है और इस तरह से नौ दिनी यह आयोजन कई प्रकाशकों के लिए अच्छा रहा।