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शिवसेना ने पढ़े मनमोहन के कसीदे

शिवसेना ने पढ़े मनमोहन के कसीदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा को लेकर मीडिया में चाहे जितना शोर हो मगर भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी शिवसेना ने इसे ज्यादा भाव नहीं दिया है। इसके बनिस्पत शिवसेना ने पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिंह राव और मनमोहन सिंह की तारीफ में कसीदे पढ़े हैं। अपने मुखपत्र सामना में शिवसेना ने लिखा है कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में नरसिंह राव और मनमोहन सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
सारदा समूह की 134 संपत्तियों की कुर्की का आदेश

सारदा समूह की 134 संपत्तियों की कुर्की का आदेश

प्रतिभूति बाजार विनियामक सेबी ने निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से धन वसूलने के आरोप में फंसी पश्चिम बंगाल की कंपनी सारदा रियल्टी इंडिया लि. और इसके प्रमुख सुदीप्त सेन की 134 संपत्तियों की कुर्की के आदेश जारी किए है। यह कुर्की इस फर्म से विभिन्न शुल्कों और ब्याज सहित 774.3 करोड़ रुपये की वसूली के सिलसिले में की गई है।
रणवीर, कोंकणा की राहें जुदा

रणवीर, कोंकणा की राहें जुदा

कोंकणा सेन शर्मा और उनके अभिनेता पति रणवीर शौरी ने अंततः अपनी शादी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। पांच साल तक शादीशुदा जीवन में रहने के बाद दोनों ने सहमति से अलग होने का निर्णय लिया है।
ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

ऐसे कितने दिन चलेगा भाजपा शिवसेना गठबंधन

शिवसेना ने साफ कर दिया है कि कोल्हापुर निकाय चुनाव वह अपने दम पर लड़ेगी और भाजपा से गठबंधन नहीं करेगी। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में 25 वर्ष तक साथ चले दोनों दलों के दिल एक दूसरे से भर चुके हैं और सिर्फ सियासी मजबूरी ने ही उन्हें राज्य सरकार में एक साथ बना रखा है।
पानी-पानी मुंबई, दोषी कौन

पानी-पानी मुंबई, दोषी कौन

शुक्रवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सारी गतिविधियां अचानक से रुक गईं। लगातार 24 घंटे की भारी बारिश और समुद्र में उठे ज्वार ने मुंबई की सड़कों और लोकल ट्रेन की पटरियों में इतना पानी भर दिया कि पूरे शहर में बाढ़ के हालात बन गए। लोकल के पहिये तो तत्काल थम ही गए, सड़कों पर भी गाड़ियां जहां-तहां खड़ी हो गईं। इसके साथ ही यह सवाल एक बार फिर से पूछा जाने लगा कि अगर शहर मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

शिवसेना: एक कागजी शेर के 50 साल!

1985 तक शिवसेना केवल मुंबई तक ही सीमित थी। महाराष्ट्र में इसके प्रसार का श्रेय छगन भुजबल को जाता है। शरद पवार 1986 में अपने कांग्रेस विरोधी समूह को सकते में छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए। उस वजह से बने खाली स्थान को शिवसेना ने भरा। आज भी मुंबई की शिवसेना और बाकी महाराष्ट्र की शिवसेना में अंतर है।
बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बेचारा नहीं रहा बिहार: नी‍तीश कुमार

बिहार की राजनीति में अलग अंदाज में गठजोड़ करने में वह माहिर हैं। पुराने गठजोड़ों को नया रंग देने की कला में वह निपुण हैं। स्थिति के हिसाब से दुश्मनों को दोस्त और पुराने साथियों से अखाड़े में कुश्ती की कला में पारंगत हैं। जब ये लगने लगे कि बिहार उनके हाथ से निकल ही गया तो फिर वह अपनी नई चाल से खेवनहार बनने की दावेदारी पेश करते हैं। जिनको सत्ता से हटाने के लिए उन्होंने अपनी पार्टी की कतारों को लामबंद किया, उन्हीं लालू प्रसाद यादव के साथ आज वह गलबहियां डाल उगता बिहार, नूतन बिहार के नारे के साथ वोट मांगने की तैयारी में हैं।
क्यों नहीं हिली पवार की कुर्सी?

क्यों नहीं हिली पवार की कुर्सी?

महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना भले ही मिलकर सरकार चला रहे हों मगर अब यह साफ हो चुका है सहयोग का यह भाव सिर्फ सरकार चलाने तक ही सीमित है। हकीकत यह है कि दोनों पार्टियां एक दूसरे को पटकनी देने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं।
पदयात्रा को लेकर शिवसेना का राहुल गांधी पर निशाना

पदयात्रा को लेकर शिवसेना का राहुल गांधी पर निशाना

सूखे से प्रभावित विदर्भ जिले में राहुल गांधी की पदयात्रा को लेकर शिवसेना ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें किसानों के आंसू तब पोंछने चाहिए थे, जब कांग्रेस सत्ता में थी।
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