Advertisement

Search Result : "Ritika Phogat commit suicide in Haryana"

पंजाब, हरियाणा में पानी ही पानी, धान को होगा फायदा

पंजाब, हरियाणा में पानी ही पानी, धान को होगा फायदा

पंजाब और हरियाणा के विभिन्न भागों में भारी बारिश आज भी जारी रही, जिससे पारा गिर गया लेकिन कई इलाकों जलभराव होने से लोगों का भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दास्ताने दंगाः औरतों का वाकई घर नहीं होता

दास्ताने दंगाः औरतों का वाकई घर नहीं होता

दंगा कैसा भी हो कहीं का भी हो उसकी सबसे ज्यादा मार औरतों और बच्चों पर पड़ती है। बीती 25 मई को हरियाणा के गांव अताली में फैली सांप्रदायिक हिंसा में भी ऐसा ही हुआ। इतिहास गवाह है कि दंगों की सबसे कमजोर कड़ी महिलाएं रही हैं। इसे देखते हुए अताली गांव के मुसलमान परिवारों ने 25 मई को हुए पहले हमले के फौरन बाद अपनी बहू-बेटियों महफूज ठिकानों पर भेज दिया। अताली में 4 जुलाई हुए दूसरे हमले में मुसलमान घरों में जवान बहू-बेटियां नहीं थीं।
दास्ताने दंगाः ‘अताली को, मुजफ्फरनगर नहीं बनने देंगे’

दास्ताने दंगाः ‘अताली को, मुजफ्फरनगर नहीं बनने देंगे’

मैंने मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों की कवरेज भी की थी। अताली (बल्लभगढ़-हरियाणा) के सांप्रदायिक दंगों और मुजफ्फरनगर के दंगों में बहुत सी समानताएं पाईं लेकिन असमानता है तो सिर्फ एक। वह यह है कि अताली के 150 से ज्यादा गांव छोड़ने वाले मुसलमानों का कहना है, ‘ इसे मुजफ्फरनगर नहीं बनने देंगे, यह अताली है अताली, गांव हमारा था, हमारा है, हम वहां जाएंगे। इंशाल्ला हो सका तो ईद गांव में होगी।’
घर में टॉयलेट न होने की वजह से छात्रा ने लगाई फांसी

घर में टॉयलेट न होने की वजह से छात्रा ने लगाई फांसी

एक ओर तो मौजूदा सरकार स्वच्छ भारत मुहिम पर जोर दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर घर में शौचालय बनाने पर जोर दे रहे हैं, दूसरी ओर घर में शौचालय न होने की वजह से झारखंड में एक बच्ची ने आत्महत्या कर ली।
माता को ई-मेल फोगाट की आवाज में

माता को ई-मेल फोगाट की आवाज में

इन दिनों फिल्म गुड्डू रंगीला के गीत कल रात माता का मुझे ई-मेल आया है माता ने मुझे फेसबुक पर बुलाया है पर बवाल मच रहा है। हिंदू चरमपंथी इसे काली झंडियां दिखा रहे हैं। हरियाणा में तो इसके विरोध में प्रदर्शन भी हुए। इस गीत से जुड़े विवाद से इतर बात करें तो इसके गायक गजेंद्र फोगाट हरियाणा के पहले गायक हैं जिन्होंने इसके जरिये बॉलीवुड में कदम रखा है। गजेंद्र जितने सरल हैं उनका संघर्ष उतना ही कड़ा।
बेटी के साथ अनोखी पहल

बेटी के साथ अनोखी पहल

बेटियो की कमी से जूझ रहे हरियाणा राज्य में एक ग्राम पंचायत ने अनूठी पहल की है। पंचायत ने लोगों से अपनी बेटी के साथ सेल्फी खींच कर उसे प्रतियोगिता में भेजने के लिए कहा है। ‘सेल्फी लो और इनाम पाओ’ नामक इस प्रतियोगिता में चयनित तस्वीरों को पंचायत की ओर से इनाम दिया जाएगा।
आप ने अटाली हिंसा को खट्टर की रैली से जोड़ा

आप ने अटाली हिंसा को खट्टर की रैली से जोड़ा

हरियाणा के अटाली गांव में हुई हिंसा के लिए आप आदमी पार्टी के जांच दल ने मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की इलाके में कुछ दिनों पहले हुई एक रैली को जिम्‍मेदार ठहराया है।
व्यापार की राह पर खेती

व्यापार की राह पर खेती

विकास के तमाम दावों और चकाचौंध के बीच खेती और किसानी चर्चा के पाएदान पर ही रहती है। केंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर जहां तमाम दूसरे क्षेत्रों की सघन पड़ताल हो रही है, वहीं कृषि पर तवज्जो कम रही। वह भी तब जब पिछले तीन-चार महीने से मौसम की मार की वजह से फसल बर्बाद होने और किसानों की आत्महत्या ने देश का ध्यान बरबस ही गहराते कृषि संकट की ओर खींचा था। नरेंद्र मोदी सरकार को एक साल में किसानों की आत्महत्या, मुआवजा, भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दे पर विपक्षी दलों ने घेरने की लगातार कोशिश की और इसी पर केंद्र सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। इन तमाम ज्वलंत सवालों और संकट से बाहर निकलने की सरकार की रणनीति पर बिहार के मोतिहारी से पांच बार से सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से बातचीत के प्रमुख अंश
गद्दाफी स्टेडियम के निकट विस्फोट, पुलिसकर्मी की मौत

गद्दाफी स्टेडियम के निकट विस्फोट, पुलिसकर्मी की मौत

गद्दाफी स्टेडियम के निकट शुक्रवार रात एक आत्मघाती हमले में उस पुलिसकर्मी की मौत हो गई जिसने हमलावर को क्रिकेट परिसर को निशाना बनाने से रोका था।
अटाली में हिंसा से पलायन को मजबूर अल्‍पसंख्‍यक

अटाली में हिंसा से पलायन को मजबूर अल्‍पसंख्‍यक

देश के अल्पसंख्यकों को वे स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं। इसके लिए तरीके अलग-अलग अपनाए जा रहे हैं। निशाने पर उनका धर्म है और हमले लगातार उनकी लगातार धार्मिक संस्थाओं पर हो रहे हैं। खान-पान, रहन सहन, पहनावे पर बहुसंख्यकवाद का आतंकी डंडा बज रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त निर्णायक कार्रवाई की कोई नजीर नहीं दिखाई दे रही। लिहाजा हमलावरों के मंसूबे परवान चढ़े हुए हैं। देश की राजधानी दिल्ली से महज 30-40 किलोमीटर दूर हरियाणा के बल्लभगढ़ में हुई सांप्रदायिक हिंसा की वारदात में जिस तरह से एकतरफा मुसलमानों को निशाने पर लिया गया, उनके घरों में आग लगाई गई, पुलिस की तैनाती के बीच कुल्हाड़ी से 60 वर्षीय हसन मोहम्मद पर हमला किया गया, उससे साफ है कि नफरत का यह चक्र लंबा चलेगा। अल्पसंख्यकों को सबक सिखाने की मानसिकता जोरों पर है।