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राम मंदिर मुद्दा फिर गरमाया, वाम और संघ आमने-सामने

राम मंदिर मुद्दा फिर गरमाया, वाम और संघ आमने-सामने

व्यापक वाम एकता के साथ देश भर में फैल रहे सांप्रदायिक वैमन्सय से मुकाबला करने के लिए जुड़े वाम दल, अंबेडकर को मनुवादी व्यवस्था के खिलाफ नेता के तौर पर स्थापित करने की रणनीति
राम के पदचिन्हों पर सैर का मजा

राम के पदचिन्हों पर सैर का मजा

अब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है कि देश में केंद्र में किसकी और राज्य में किसकी सरकार है। खास कर जब धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की बात होगी। यह तय है कि बिना किसी भेदभाव के राज्य के पर्यटन स्थलों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
लोकतंत्र बचाने के लिए जरूरी है पुरस्कार वापसी

लोकतंत्र बचाने के लिए जरूरी है पुरस्कार वापसी

पिछले कुछ हफ्तों में लेखकों वैज्ञानिकों और कलाकारों के सम्मान लौटाने की बाढ़ देखी गई। पुरस्कार लौटाने के जरिये ये सम्मानित और पुरस्कृत लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए खड़े हुए हैं। बढ़ती असहिष्णुता और हमारे बहुलतावादी मूल्यों पर हो रहे हमलों पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए इन शिक्षाविदों, इतिहासकारों, कलाकारों और वैज्ञानिकों के कई बयान भी आए हैं। जिन्होंने अपना पुरस्कार लौटाया है वे सभी साहित्य, कला, फिल्म निर्माण और विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों में से हैं। इस तरह सम्मान लौटाकर उन सभी लोगों ने सामाजिक स्तर पर हो रही घटनाओं पर अपने दिल का दर्द बयान किया है।
अखिलेश ने 8 मंत्रियों को बर्खास्त किया, 9 का विभाग छीना

अखिलेश ने 8 मंत्रियों को बर्खास्त किया, 9 का विभाग छीना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल करते हुए आठ कैबिनेट ‌मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है और नौ मं‌त्रियों का विभाग छीन लिया है।
वकील होकर भी मोदी-जेटली के झांसे में आ गया: जेठमलानी

वकील होकर भी मोदी-जेटली के झांसे में आ गया: जेठमलानी

देश के जाने-माने वकील और भाजपा से निष्कासित राम जेठमलानी ने पटना में मोदी विरोधी बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। जेठमलानी ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, उन्हें इस बात का अफसोस है कि एक वकील होते हुए भी वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली के झांसे में आ गए। वह बिहार चुनाव में भाजपा को हारते हुए देखना चाहते हैं।
नौटंकी राजा के हवाले प्रजा

नौटंकी राजा के हवाले प्रजा

युवा व्यंग्यकार और पत्रकार अनुज खरे ने आज के समय पर करारी चोट करते हुए एक नाटक लिखा, नौटंकी राजा। नाटक राजनीतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक मूल्यों में हो रहे पतन पर बहुत गहरे तरीके से अपनी बात रखता है। इस नाटक की सबसे बड़ी खासियत रही हंसी-हंसी में बड़ी बात को आसानी से कह देना। पिछले दिनों, पंचानन पाठक नाट्य समारोह के तहत एलटीजी ऑडिटोरियम में इस व्यंग्य नाटक का मंचन हुआ।
गंगा-जमुनी संस्‍कृति पर हमलों का दौर

गंगा-जमुनी संस्‍कृति पर हमलों का दौर

देश इस समय विभिन्न क्षेत्रों में पतन की राह पर अग्रसर है। धर्मनिरपेक्षता, अनेकता, और भारतीय राष्ट्रीयता को राजनैतिक तौर पर कमजोर किए जाने के अलावा सांस्कृतिक बहुलता और मेलजोल की परंपरा पर भी कुठाराघात हो रहा है।
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