एक तरफ जहां मोदी के समर्थन में जुटाया जा रहा फैन-फेयर, वहीं गुजरात नरंसहार की काली छाया अब भी बरकरार, एलाइंस फॉर जस्जिस एंड अकॉन्टबिल्टी की सक्रियता बढ़ी
अगर आपके पास कंप्यूटर या लैपटॉप है या आप स्मार्ट फोन रखते हैं तो आपको इस बकरीद पर कुर्बानी के लिए बकरे खरीदने के लिए बकरा मंडियों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। अब आप बकरा एक क्लिक के जरिए घर बैठे खरीद सकते हैं।
महाराष्ट्र में जैन समुदाय की उपवास अवधी के दौरान चार दिन तक मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के राज्य सरकार के फैसले पर विवाद खड़ा होता दिख रहा है। राज्य सरकार के इस फैसले का बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया है। खास बात यह है कि विपक्षी दलों के साथ-साथ सरकार में शामिल भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी सरकार के इस फैसले की निंदा करते हुए इसे तुष्टीकरण और धार्मिक आतंकवाद की संज्ञा दे दी है।
आकाशवाणी के जरिए अपनी बात कहने वाले देश भर के कैजुअल एनाउंसर और कंपीयर ने जंतर-मंतर पर अपने हक के लिए आवाज बुलंद की। तीन और चार अगस्त के दो दिन के धरना-प्रदर्शन में इन कैजुअल एनाउंसर ने केंद्र सरकार और प्रसार भारती के रहनुमाओं तक अपनी 'मन की बात' पहुंचाने की पूरी कोशिश की।
महाराष्ट्र की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना भले ही मिलकर सरकार चला रहे हों मगर अब यह साफ हो चुका है सहयोग का यह भाव सिर्फ सरकार चलाने तक ही सीमित है। हकीकत यह है कि दोनों पार्टियां एक दूसरे को पटकनी देने का कोई मौका नहीं छोड़ रही हैं।