बुधवार और शुक्रवार के बीच चीन के विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, भारत में चीनी दूतावास और पीपल्स डेली द्वारा जारी किए गए बयानों के आधार पर चीन के विशेषज्ञों का ऐसा कहना है।
देश में उन्मादी भीड़ ने हिंसा की कई काली रेखाएं खींच दी है। पहले उन्मादी भीड़ ने एक युवक को मौत के हवाले कर दिया। उस दौरान किसी के हाथ मदद के लिए आगे नहीं बढ़े। अब विडबंना है कि कोई गवाह भी सामने नहीं आ रहा है।
घाटी में बढ़ती हिंसा के बीच केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर सरकार पर जल्द बड़ा फैसला ले सकती है। हिंसा के दौर के बीच वहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अटकलें बढ़ रही हैं। कानून व्यवस्था में गड़बड़ी को देखते हुए राजनैतिक गलियारे में सुगबुगाहट है कि भाजपा और पीडीपी का गठबंधन भी टूट सकता है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 29 और 30 अप्रैल को राज्य का दौरा करने वाले हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के बाद गठबंधन पर भाजपा कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने सेंसर बोर्ड को अपनी नियम पुस्तिका पर पुनर्विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा, सेंसर बोर्ड के दिशा-निर्देशों को लिखे हुए छह दशक से अधिक समय बीत गया है इसलिए इस पर एक बार पुनर्विचार करना चाहिए।
आयकर विभाग ने कालाधन रखने वाले लोगों को चेतावनी दी कि उनकी अघोषित संपत्ति उसकी नजर से छिपी हुयी नहीं है और इसके साथ ही विभाग ने उन्हें सलाह दी कि वे अपनी जमा राशि के संबंध में मौजूदा एकमुश्त खुलासा योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना :पीएमजीकेवाई: का लाभ उठाएं।
आरबीआई ने चलन से बाहर किए गए उच्च मूल्य के पुराने नोट बदलने के वास्ते प्रवासी भारतीयों सहित उन लोगों के लिए कुछ अन्य शर्तें जारी की जो 30 दिसंबर तक ऐसा करने में असफल रहे थे।
केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के सांसद कोटा में जल्द ही अहम बदलाव हो सकता है। नए प्रावधानों में सांसद कोटा के तहत होने वाले दाखिले के लिए गरीब बच्चों को वरीयता देनी होगी। पिछली सरकार के दौरान इस कोटे को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था, मगर सांसदों के भारी विरोध के बाद इस फैसले को वापस लेना पड़ा था।
नोट बंदी लागू होने के बाद विभिन्न हिस्सों में काले धन को सफेद करने में बैंकों व बैंककर्मियों की भूमिका संदिग्ध है। यूं कहा जाए कि पीएम नरेंद्र मोदी के इस कदम के बाद देश के बैंकिंग ढांचे की कलई खुल गई है। तीन वर्ष पहले एक वेबसाइट की तरफ से निजी व सरकारी बैंकों में काले धन को सफेद करने के गोरखधंधे का जो खुलासा हुआ था वह बदस्तूर जारी है। इस बीच आरबीआइ ने नियमों में कड़ाई बरती है। बैंकों पर जुर्माना लगाया लेकिन इन्हें नजर अंदाज करने वालों पर कोई लगाम नहीं लग पाया है।