पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल (सेवानिवृत्त) परवेज मुशर्रफ ने कहा कि सेना ने पाकिस्तान के शासन में अक्सर अहम भूमिका निभाई है क्योंकि लोकतंत्र को इस देश के माहौल के अनुसार नहीं ढाला गया है।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के सामने दावा किया है कि नियंत्रण रेखा के पार लक्षित हमला करने का भारत का दावा गलत है और बढ़ते संकट की जिम्मेदारी पूरी तरह भारत पर है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी विवाद सुलझाने में मदद करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने परमाणु हथियार संपन्न दोनों पड़ोसी देशों से क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भारत द्वारा लक्षित हमले (सर्जिकल स्ट्राइक) को संयुक्त राष्ट्र संदेह की निगाह से देख रहा है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून के प्रवक्ता ने कहा कि इन दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे उसके मिशन को नियंत्रण रेखा पर सीधे तौर पर कोई फायरिंग की घटना नजर नहीं आई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति चाहता है, लेकिन हम किसी को भी पाकिस्तान पर बुरी नजर रखने की अनुमति नहीं देंगे। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, शरीफ ने यह टिप्पणी जम्मू एवं कश्मीर में और नियंत्रण रेखा पर हाल की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई मंत्रिमंडल की एक बैठक में की।
नियंत्रण रेखा पर तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून के शीर्ष सहयोगी ने भारत एवं पाकिस्तान से संयम बरतने और शांतिपूर्ण तरीके से अपने मतभेद सुलझाने को कहा है।
विवादों में घिरी बीसीसीआई आज लोढा समिति की व्यापक प्रशासनिक सुधारों की सिफारिशों को लागू करने की पहली समयसीमा से चूक गयी क्योंकि उसे तकनीकी आधार पर अपनी विशेष आम बैठक को स्थगित करना पड़ा।
कश्मीर में उड़ी हमले के करीब दस दिन बाद भारत ने आखिरकार कार्रवाई कर दी है। भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक करके 35 से 38 आतंकवादियों को ढेर किया है। भारतीय डीजीएमओ की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस करके गुरुवार को हमले पर जानकारी दी गई। इधर पाक ने कहा है कि क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में उसके दो सैनिक मारे गए हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की पाक नीति में स्थायित्व नहीं है और वह यह तय नहीं कर पाई है कि उड़ी हमले के बाद क्या नीति अपनाए।