भारत में शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के प्रति अभी भी रवैया दया या लाचारी वाला ही होता है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए न पर्याप्त सुविधाएं हैं और न इन हालातों को बदलने के लिए नजरिया।
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा तफरी का माहौल बन गया जब फोन पर बम होने की सूचना आई। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सतर्क हो गईं। हालांकि बाद में यह सूचना गलत साबित हुई।
चांदनी चौक में सदियों पुरानी मुगल काल की दुकान घंटेवाला हाल में बेशक बंद हो गई हो, लेकिन आसपास के दूसरे चाट-पकौड़ी के ठिकाने आज भी खाने-पीने के शौकीनों से गुलजार रहते हैं।
कोलकाता की आलीशान और यूरोपीय बंगाली वास्तुशिल्प की बेजोड़ मिसाल बन चुके पुराने आलीशान मकानों को अंधाधुंध तरीके से ढहाने से बचाने के लिए नए कानून और उपायों की जरूरत को रेखांकित करते हुए प्रख्यात अंग्रेजी लेखक अमित चौधरी का कहना है कि ये महानगर की पहचान हैं और एक समृद्ध संस्कृति को अपने में समेटे हुए हैं। ब्रिटिश काउंसिल और यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंजलिया द्वारा आयोजित एक परिचर्चा से इतर 2002 के साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता चौधरी ने कहा कि कोलकाता की बहुत सी ऐसी इमारतें समृद्ध वास्तुकला का अद्भुत नमूना हैं।
उन लोगों के लिए बुरी खबर है जो बिना सोचे समझे रेल ट्रैक या रेलवे की संपत्ति पर पेशाब या शौच कर देते हैं। अब ऐसा करना भारी पड़ सकता है। खासकर अगर उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में ऐसा किया तो कार्रवाई होना निश्चित है।