पूजा और दिवाली के दौरान यात्रिायों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे (सीआर) पुणे और जयपुर, वाराणसी एवं जम्मू तवी के बीच 32 विशेष ट्रेनों का संचालन करेगा।
पिछले दिनों उड़ीसा के एक सरकारी अस्पताल से वाहन नहीं मिलने पर पत्नी के शव को कंधे पर 12 किलोमीटर तक ढोने वाले दाना मांझी का वीडियो वायरल होने के बाद अब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक बेटे का अपने पिता के शव को ठेले पर लादकर ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
ओडिशा में एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से बीवी के शव को 12 किलोमीटर तक ढोने वाले दाना मांझी नौ लाख का चेक लेने ओडिशा से दिल्ली विमान से आए। उन्हें बहरीन दूतावास ने बुलाकर अपने शेख की तरफ से भिजवाया हुआ 8.87 लाख का चेक दिया।
हज के लिए सऊदी अरब पहुंचे दुनिया भर के लाखों मुसलमान हज से जुड़े अरकानों (धार्मिक रीति रिवाज) को एक-एक कर पूरा करते हुए रविवार को अराफात की पहाड़ी पर पहुंचे। इस पहाड़ी पर इबादत को हज के दरम्यान का एक अहम पड़ाव माना जाता है। पिछले साल की भगदड़ की त्रासदी के बाद इस बार व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
तेज रफ्तार रेलवे के क्षेत्र में भारत समेत वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए बड़ी दावेदारी पेश कर रहे चीन ने देश में 20,000 किमी के ट्रैक नेटवर्क का निर्माण पूरा कर लिया है, जो दुनिया का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन नेटवर्क है।
ओडिशा में मृत पत्नी को कंधे पर ढो कर चर्चा में आए दाना मांझी को बहरीन के पीएम प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने आर्थिक मदद दी है। अंग्रेजी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘बहरीन के प्रधानमंत्री प्रिंस खलीफा बिन सलमान अल खलीफा ने मांझी के बारे में पढ़ा, जो अस्पताल में पत्नी को मौत हो जाने के बाद एंबुलेंस ना मिलने पर शव को कंधे पर रखकर 12 किमी तक ले गया।’
ओडि़शा के बालेश्वर जिले में एक वृद्ध महिला के शव के साथ अमर्यादित व्यवहार कर अपने कर्तव्य का उचित निर्वहन नहीं करने के मामले में राजकीय रेल पुलिस के एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) को निलंबित कर दिया गया।
एंबूलेंस नहीं देने के बाद ओडिशा के कालाहांडी में पत्नी की लाश को 10 किलोमीटर तक कंधे पर ढोने के मामले पर अभी भी बहस जारी है, इसी बीच इसी तरह का एक और प्रकरण सामने अाया है। राज्य के बालासोर में अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिलने के बाद महिला के मृत शरीर की हड्डियां तोड़ उसकी गठरी बनाकर बांस के डंडे और मजदूरों के जरिये उसे ढोकर स्टेशन तक पहुंचाया गया।
भुवनेश्वर के पिछड़े जिले कालाहांडी में एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी के शव को कंधे पर लेकर करीब 10 किलोमीटर तक चलना पड़ा। उसे अस्पताल से शव को घर तक ले जाने के लिए कोई एंबुलेंस नहीं मिली। व्यक्ति के साथ उसकी 12 साल की बेटी भी थी।
पाकिस्तान आए दिन कोई न कोई नई हरकत करते रहता हैै जिससे भारत के साथ उसके संबंधों को सुधारने की दिशा में झटका लगता है। अब पाकिस्तान कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों के द्वारा मारे गए हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी को नायक की तरह पेश कर रहा है।