सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे और पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव को दरकिनार करते हुए राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है।
पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अब राष्ट्रपति चुनाव पर एनडीए के उम्मीदवार को जिताने के लिए अपनी कूटनीति का उपयोग करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 546828 मतों की जरूरत है। एनडीए के पास 532592 वोट हैं। इस तरह पीएम मोदी और शाह को यहां भी जीत का परचम लहराने के लिए 14236 वोट चाहिए।
तमाम उतार-चढ़ाव और आशा-निराशा के बाद उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी :सपा: और कांग्रेस के बीच विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया।
गोवा विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा और कांग्रेस के टिकट बंटवारे से नाराज दोनों दलों के कुछ बड़े नेताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरा है तो कुछ लोगों ने चुनाव प्रचार से हाथ खींच लिए हैं।
राजग सरकार की महत्वाकांक्षी 9,393 करोड़ रूपये की केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 2017 की पहली तीमाही से शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है और इस परियोजना को हरित पैनल और आदिवासी मामलों के मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। इससे 6.35 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और बुंदेलखड में पेयजल की समस्या से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा है कि क्या यह संयोग है कि 1000 एवं 2000 रुपए के बड़े नोट भाजपा-राजग सरकार लेकर आई है तो ऐसे में आखिरकार कालेधन को कौन प्रोत्साहित कर रहा है?
बिहार की महागठबंधन सरकार के एक साल पूरा होने के एक दिन पूर्व भाजपा नीत राजग ने नीतीश सरकार की विफलताओं को लेकर एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया और आरोप लगाया कि यह सरकार हर मोर्चे, विशेष रूप से कानून-व्यवस्था के मामले में विफल रही है।
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में अगले महीने होने वाले स्थानीय परिषदों के चुनावों में भारतीय मूल के प्रत्याशी रिकार्ड संख्या में अपनी किस्मत आजमाएंगे। विक्टोरिया में सबसे ज्यादा भारतीय रहते हैं।
वामपंथी दलों और दलित संगठनों के नेताओं ने शुक्रवार को राजग सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कथित गोरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और दावा किया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने पहले ही कहा था कि वह आम बजट अब कुछ हफ्ते पहले पेश करना चाहती है। सरकार की इस मंशा पर अब आम सहमति भी बन गई है। लिहाजा अब अगले वित्त वर्ष (2017-18) का आम बजट एक फरवरी, 2017 को पेश होगा। बजट की तैयारियां भी जो पहले दिसंबर में शुरु होती थी अब वह नवंबर माह के शुरुआत में ही शुरु हो जाएंगी। इस बारे में जल्द ही कैबिनेट से भी मंजूरी ली जाएगी। सरकार का मानना है कि लगभग 4 हफ्ते पहले बजट पेश करने से इसके प्रावधानों को लागू करने के लिए केंद्र व राज्यों के पास ज्यादा समय होगा।