महागठबंधन के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार का आरजेडी को झटका देकर एनडीए से हाथ मिलाना फिलहाल सोशल मीडिया में सबसे बड़ा बहस का मुद्दा बना हुआ है। इस दौरान सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार ट्रोल हो रहे हैं। उनकी एक तस्वीर भी वायरल हो रही है।
नीतीश कुमार महागठबंधन की गाठें छुड़ाकर अपने पुराने साथी रहे एनडीए से गठजोड़ कर चुके हैं। सियासी गलियारों में इस घटना ने हलचल तेज कर दी है। अब सवाल उठ रहे हैं कि एनडीए के विरोध में महागठबंधन के सूत्रधार रहे नीतीश कुमार एकाएक पाला बदलकर कैसे ‘कमल’ में रंग भरने को तैयार हो गए?
उथल पुथल के इस दौर में लगता है राजनीति की तरह बाजार में भी महागठबंधन का युग आ गया है। जिस तरह करिश्माई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकस्त देने के लिए बाकी पार्टिया आपसी दुश्मनी को तिलांजलि देकर गठबंधन करने को मजबूर हो रही हैं, उसी तरह भारतीय टेलीकॉम उद्योग बाजार में मुंकेश अंबानी के जियो के लगातार बढ़ते प्रभाव को टक्कर देने के लिए दो टेलीकॉम दिग्गजों वोडाफोन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के आइडिया सेल्युलर ने महागठबंधन का सहारा लिया है। मजे की बात है अब तक जिनके खिलाफ गठबंधन को आजमाने की कोशिशें शुरु हुई हैं वे दोनों, मोदी और मुकेश अंबानी, गुजरात के हैं।
शुरुआती हिचकोलों के बाद सपा-कांग्रेस गठबंधन के विधानसभा चुनाव प्रचार के जोर पकड़ने के मद्देनजर प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों बसपा और भाजपा को मुस्लिम बहुल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी रणनीति में रद्दोबदल करना पड़ा है।
बीएमसी चुनाव के लिए गठबंधन के महाराष्ट्र नवनिर्माण पार्टी के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद जले पर नमक छिड़कते हुए शिवसेना ने राज ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी से कहा कि वह मराठी मानूस की भलाई के लिए बिना शर्त समर्थन दे और चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे।
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में समान विचारधारा वाली सपा जैसी पार्टियों के साथ चुनाव से पहले गठबंधन किए जाने की संभावना से आज इनकार नहीं किया। वहीं, इसकी मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित ने युवा अखिलेश यादव के पक्ष में इस मुकाबले से हटने की पेशकश की है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने केंद्र सरकार के 500 और 1000 रूपये के पूराने नोटों पर रोक से जनता को हो रही कठिनाई को लेकर इसके खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए सड़कों पर उतरने की घोषणा की है।
नोटबंदी के फैसले से आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर भाजपा को जहां अपनी ही सहयोगी शिवसेना के हमलों का सामना करना पड़ रहा है वहीं अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने भी मोदी सरकार पर तंज कसा है।