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पांच बच्चे हैं? शिवसेना देगी दो लाख रुपये

पांच बच्चे हैं? शिवसेना देगी दो लाख रुपये

ऐसा लगता है कि हिंदूवादी शक्तियों ने धार्मिक जनगणना के आंकड़ों को भुनाना शुरू कर दिया है। तभी तो शिवसेना की आगरा इकाई ने उन हिंदू परिवारों को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है जिनके परिवार में पांच बच्चे होंगे।
स्वच्छता रेटिंग में पिछड़ा राष्ट्रपति भवन

स्वच्छता रेटिंग में पिछड़ा राष्ट्रपति भवन

राष्ट्रपति भवन में चाहे और बहुत कुछ हो मगर सफाई जरा कम है। हाल ही में जारी स्वच्छता अभियान रेटिंग में राष्ट्रपति भवन पिछड़ गया है। राष्ट्रपति भवन को हैदराबाद हाउस, विज्ञान भवन और जवाहरलाल नेहरू भवन ने पछाड़ा है।
हेमा मालिनी कार दुर्घटना मामलाः पीड़ित परिवार हताश

हेमा मालिनी कार दुर्घटना मामलाः पीड़ित परिवार हताश

भारतीय जनता पार्टी की सांसद हेमा मालिनी की कार दुर्घटना में मारी गई दो साल की बच्ची के पिता शोकाकुल हैं जबकि उसकी घायल मां एक ही रट लगा रही है कि चिन्नी कहां है? उसे यह पता नहीं कि उसकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। परिवार का इससे भी ज्यादा दुख इस बात को लेकर है कि सांसद या उनके किसी सहयोगी ने उनका हाल तक जानने की कोशिश नहीं की। दूसरी तरफ, हेमा मालिनी की सेडान कार चलाने वाले ड्राइवर को अदालत से जमानत भी मिल गई है और अभिनेत्री के नाक की प्लास्टिक सर्जरी सफल रही है।
सरकारी एड्रेस से विकीपीडिया में नेहरू पर अफवाहः कांग्रेस

सरकारी एड्रेस से विकीपीडिया में नेहरू पर अफवाहः कांग्रेस

ट्विटर हैंडल @AnonGoIWPEdits के अनुसार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके पूर्वजों को लेकर धर्म संबंधी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। यह ट्विटर हैंडल विकीपीडिया पर होने वाले एडिट्स पर नजर रखता है। इसने पाया कि तमाम बदलाव और अफवाहें भारत सरकार के आईपी एड्रेस से किए गए थे और इनमें लिखा था कि पंडित नेहरू के दादा गंगाधर नेहरू मुस्लिम थे।
लंदन में ओपी नैय्यर के तराने

लंदन में ओपी नैय्यर के तराने

लंदन के नेहरू सेंटर में ओपी नैय्यर के गीतों से सजी शाम का आयोजन हुआ। कुल 140 सीटों वाले नेहरू सेंटर में 170 लोगों ने अर्पण कुमार और मीतल के मार्फत मुहम्मद रफी और आशा भोंसले की आवाजों को सुना। की-बोर्ड पर सुनील जाधव थे तो तबले पर केवल। गीतों से भरी इस शाम में कई लोग दूर-दूर से आए थे।
इलाज के लिए न डाॅक्टर हैं और न दवा

इलाज के लिए न डाॅक्टर हैं और न दवा

पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिले गाजीपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का इतना बुरा हाल है कि यहां के अस्पतालों को ही इलाज की जरुरत महसूस होने लगी है। डाॅक्टर और दवा दोनों ही जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की समस्या है।
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