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जेएनयू: कन्हैया सहित 20 छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी

जेएनयू: कन्हैया सहित 20 छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी

जेएनयू प्रशासन ने कथित देशद्रोह के मामले में आरोपी कन्हैया कुमार और उमर खालिद सहित 20 विद्यार्थियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से कुछ दिन पूर्व प्रशासनिक भवन में कुलपति और अन्य अधिकारियों को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है।
छत्तीसगढ़: आदिवासी हत्या मामले में डीयू और जेएनयू के प्रोफेसर पर मामला दर्ज

छत्तीसगढ़: आदिवासी हत्या मामले में डीयू और जेएनयू के प्रोफेसर पर मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित सुकमा जिले में एक आदिवासी ग्रामीण की हत्या के आरोप में जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय की एक-एक प्रोफेसर के साथ कुछ माओवादियों और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
नजीब के लिए छात्रों शिक्षकों के प्रदर्शन को जेएनयू ने बताया विघ्नकारी राजनीति

नजीब के लिए छात्रों शिक्षकों के प्रदर्शन को जेएनयू ने बताया विघ्नकारी राजनीति

जेएनयू प्रशासन ने छात्रों और शिक्षकों से परिसर में विघ्नकारी राजनीति और प्रदर्शनों को हतोत्साहित करने की अपील करते हुए आरोप लगाया कि इससे विश्वविद्यालय का सुगमतापूर्वक चलने वाला कामकाज बाधित हो रहा है और प्रदर्शनों के जरिए अतार्किक मांगें उठायी जा रही हैं।
मेडिकल कालेज में नहीं थी एंबुलेंस, एएमयू के प्रोफेसर की गई जान

मेडिकल कालेज में नहीं थी एंबुलेंस, एएमयू के प्रोफेसर की गई जान

उत्तर प्रदेश की चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था का हाल बेहाल है। यहां कमजाेेर तबके के अलावा अन्‍य वर्गों के लोगों को भी बदहाल चिकित्‍सा व्‍यवस्‍था का शिकार होना पड़ता है। ताजा वाकया है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का, जहां के एक प्राेफेसर की समय पर एंबुलेंस नहीं मिलनेे पर मौत हो गई।
यूपी: शिवपाल ने मंत्री को पार्टी से निकाला, अखिलेश पहुंचे राजभवन, अटकलें तेज

यूपी: शिवपाल ने मंत्री को पार्टी से निकाला, अखिलेश पहुंचे राजभवन, अटकलें तेज

उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में जारी रस्साकशी का दौर अभी भी जारी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी मंत्री पवन पांडे को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसी बीच अखिलेश ने अचानक राजभवन पहुंच राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात की जिसके बाद अटकलें तेज हो गई हैं।
प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर जेएनयू ने दिए जांच के आदेश

प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर जेएनयू ने दिए जांच के आदेश

जेएनयू प्रशासन ने विजयादशमी पर विश्वविद्य़ालय परिसर में विद्यार्थियों के एक वर्ग द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और अन्य नेताओं के पुतले जलाए जाने की घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
दशहरा : जेएनयू में रावण नहीं मोदी का पुतला फूंका गया

दशहरा : जेएनयू में रावण नहीं मोदी का पुतला फूंका गया

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के कुछ छात्रों ने दशहरा के अवसर पर रावण की जगह कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और योग गुरु बाबा रामदेव समेत उनके तमाम सहयोगियों का पुतला फूंका। छात्र यही नहीं थमे बल्कि इस निंदनीय घटना का वीडियो बनाकर इसे फेसबुक पर भी पोस्ट कर दिया।
जेएनयू में योग और सांस्कृतिक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव फिर हुआ खारिज

जेएनयू में योग और सांस्कृतिक पाठ्यक्रम का प्रस्ताव फिर हुआ खारिज

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के शीर्ष निर्णायक निकाय अकादमिक काउंसिल ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति और योग में अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह प्रस्ताव विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया था। बताया जा रहा है कि आरएसएस और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों के दबाव में इन विषयों में पाठ्टक्रम शुरू रने का प्रसताव तैयार किया गया है।
साल 2015-16 : जेएनयू में यौन उत्‍पीड़न के रिकार्ड 39 मामले

साल 2015-16 : जेएनयू में यौन उत्‍पीड़न के रिकार्ड 39 मामले

हाल के महीनों में विवादों के केंद्र में रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में साल 2015-2016 के दौरान यौन उत्पीड़न की 39 शिकायतें दर्ज की गई। जो कि विश्वविद्यालय के रिकार्ड में सबसे अधिक है। विश्वविद्यालय को 2014-2015 के दौरान यौन उत्पीड़न की 26 शिकायतें मिली थीं जबकि 2013-2014 के दौरान यह संख्या 25 थी।
जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक : बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हुआ हंगामा

जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक : बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हुआ हंगामा

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कैंपस एकबार दोबारा विवादों में है। जेएनयू के छात्रसंघ की बैठक में बाहरी लोगों के नाम पर जमकर हंगामा हुआ। छात्रसंघ ने गुड़गांव के होंडा कंपनी के कर्मचारियों को कैंपस में पब्लिक मीटिंग के लिए बुलाया था। ताकि वे छात्रों के मंच पर अपनी बात रख सकें।
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