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ओबामा अगले साल आ सकते हैं भारत

ओबामा अगले साल आ सकते हैं भारत

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि यदि उन्हें वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन (जीईएस) के लिए आमंत्रित किया जाता है तो वह अगले वर्ष भारत की यात्रा कर सकते हैं। ओबामा ने कैलिफोर्निया में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में जीईएस को संबोधित करते हुए कहा, ‘यदि मुझे आमंत्रित किया जाता है, तो मैं रुकने की कोशिश करूंगा।’
गो फॉर आॅर्गन : देशभर में साइ‍किल में घूूम घूूम कर अंगदान की अलख जगाएंगे

गो फॉर आॅर्गन : देशभर में साइ‍किल में घूूम घूूम कर अंगदान की अलख जगाएंगे

देशवासियों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के इरादे से चार विभिन्न क्षेत्राें में परास्नातक युवक अपने काम-धंधे छोड़कर साइकिलों पर 4500 किमी की यात्रा पर निकलेंगे। उनकी यह यात्रा 17 जून को कन्याकुमारी से शुरू होगी और 50 दिन बाद 6 अगस्त को विश्व अंगदान दिवस के मौके पर लेह में समाप्त हो जाएगी। इनमें से तीन युवक अलग-अलग वर्गाें में राष्‍ट्रीय स्तर के एथलीट रहे हैं।
पीएम मोदी की स्‍वदेश वापसी, दिल्‍ली में हुआ भव्‍य स्‍वागत

पीएम मोदी की स्‍वदेश वापसी, दिल्‍ली में हुआ भव्‍य स्‍वागत

पीएम नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के बाद स्‍वदेश वापस आ गए हैं। दिल्‍ली विमानतल में पीएम मोदी का वापसी पर भव्‍य स्‍वागत हुआ। विमानतल में भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों में स्‍वागत के समय गजब का उत्‍साह देखा गया। नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ मोदी, मोदी के नारे भी लगाए।
पांच देशों के दौरे पर पीएम रवाना, अाज हेरात में सलमा बांध का उद्घाटन करेंगे

पांच देशों के दौरे पर पीएम रवाना, अाज हेरात में सलमा बांध का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के पहले पड़ाव में अफगानिस्तान के लिए रवाना हो गए। पीएम कतर, स्विटजरलैण्ड, अमेरिका और मैक्सिको भी जाएंगे। यात्रा के पहले चरण में वह अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में भारत-अफगान मैत्री सहयोग कार्यक्रम के तहत निर्मित सलमा बांध का उद्घाटन करेंगे। पीएम की इस यात्रा का मुख्य मकसद इन देशों के साथ भारत के व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को विस्तार देना और संबंधों को नई गति प्रदान करना है।
ईरान से भारत के मजबूत होते संबंधों पर अमेरिका की गहरी निगाह

ईरान से भारत के मजबूत होते संबंधों पर अमेरिका की गहरी निगाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा से भारत-ईरान के मजबूत होते रिश्तों पर अमेरिका बेहद करीब से नजर रख रहा है। चाबहार बंदरगाह के लिए 50 करोड़ डॉलर निवेश की भारत की घोषणा को लेकर ओबामा सरकार ने सांसदों से कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों पर बहुत करीब से निगाह रख रहा है और देखेगा कि क्या इसके कानूनी पहलु और जरूरतें पूरी की गई हैं या नहीं।
चीन में प्रणब दा बोले, चीनी निवेशकों का भारत में है स्‍वागत

चीन में प्रणब दा बोले, चीनी निवेशकों का भारत में है स्‍वागत

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत और चीन के बीच कारोबारी संबंध बढ़ाने पर जोर दिया हैा उन्‍होंने कहा कि भारत चीन के निवेशकों का स्‍वागत करता हैा जो निवेशक देश के मेक इन इंडिया में अपनी भागीदारी देता है उनके लाभ के लिए भारत हर संभव प्रयास करेगाा
भारत, ईरान के बीच चाबहार पोर्ट समेत कई समझौतों पर दस्तखत

भारत, ईरान के बीच चाबहार पोर्ट समेत कई समझौतों पर दस्तखत

पीएम नरेंद्र मोदी की ईरान यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर दस्तखत हुए। इनमें रणनीतिक तौर पर बेहद अहम चाबहार बंदरगाह को लेकर हुआ समझौता भी शामिल है। दोनों देश कट्टरपंथ और आतंकवाद से लड़ने में सहयोग पर भी सहमत हुए।
ईरान पहुंचे मोदी: चाबहार बंदरगाह, उर्जा करार यात्रा का मुख्य एजेंडा

ईरान पहुंचे मोदी: चाबहार बंदरगाह, उर्जा करार यात्रा का मुख्य एजेंडा

ईरान के साथ व्यापार, निवेश व उर्जा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की यात्रा पर रविवार को तेहरान पहुंचे। इस यात्रा के दौरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ईरान के चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
भारत-ईरान सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी मजबूती

भारत-ईरान सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल तेहरान के लिए रवाना होंगे। उनकी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देकर सदियों पुरानी दोस्ती में नई जान फूंकने के लिए भारत और ईरान ने संयुक्त रूप से कई कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बनाई है।
कल से दो दिवसीय ईरान दौरे पर सुषमा स्वराज

कल से दो दिवसीय ईरान दौरे पर सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कल दो दिन की ईरान यात्रा पर रवाना होंगी। उनकी इस यात्रा का मकसद तेल एवं व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ सहयोग बढ़ाना है। सामरिक तौर पर काफी अहम माने जाने वाला ईरान एक ऐतिहासिक परमाणु करार के तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के खत्म होने के बाद अब पहले की तरह कारोबार बहाल करने के लिए तैयार है।
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