आज दलित समुदाय हर दृष्टि से चौराहे पर खड़ा है। कई दशक बाद दलित राजनीति लगभग हाशिए पर पंहुच गई है। दलित जन प्रतिनिधियों से दलित समुदाय एकदम निराश है। वे समुदाय पर होने वाले अत्याचार के मसलों पर कुछ नहीं बोलते हैं। अब दलित समाज में उन्हें खुले मंचों से पूना पैक्ट की खरपतवार कहना शुरू कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मई के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जवाबदेह होती हैं उनको जनता-जनार्दन को हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "मेरी सरकार के तीन साल पूरे होने पर कई तरह के सर्वे और ओपीनियन पोल आए हैं। कहीं तारीफ हुई है तो कहीं आलोचना। लेकिन हमारे लिए सभी महत्वपूर्ण हैं। हमारे 3 साल के काम को हर कसौटी में कसा गया है।"
खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकारों को राशन की दुकानों (पीडीएस) पर यह दर्शाना चाहिए कि खाद्यान्न पर केंद्र और राज्यों द्वारा कितनी-कितनी सब्सिडी दी जा रही है। यह जानकारी सार्वजनिक होने के बाद गरीबों को सस्ती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने में किसका कितना योगदान है उसके बारे में तस्वीर स्पष्ट हो जायेगी और अकेले राज्य इसका श्रेय नहीं ले पायेंगे।
खाद्यान्न और उर्वरक की सब्सिडी को सीधे लक्ष्य तक पहुंचाने के शुरुआती प्रयोग के बाद सरकार का इरादा अब केरोसिन का दुरुपयोग और इसकी कालाबाजारी रोकने का है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज यह बात कही।