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मौद्रिक नीति समीक्षा : ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं, महंगाई बढ़ने के संकेत

मौद्रिक नीति समीक्षा : ब्‍याज दरों में कोई बदलाव नहीं, महंगाई बढ़ने के संकेत

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रघुराम राजन ने मंगलवार को कयासों के अनुकूल मौद्रिक नीति की द्वैमासिक समीक्षा पेश करते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। रेपो रेट बिना बदलाव के 6.50 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 6 फीसदी बरकरार रहेगी। आरबीआई ने सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया है और ये 4 फीसदी पर कायम है। एमएसएफ यानी मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी दर भी 7 फीसदी पर बरकरार है।
मौद्रिक नीति की समीक्षा कल, मानसून की थाह के बीच क्या घटेंगी ब्याज दरें

मौद्रिक नीति की समीक्षा कल, मानसून की थाह के बीच क्या घटेंगी ब्याज दरें

खुदरा महंगाई बढ़ने के संकेतों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन मंगलवार को द्वैमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों में यथास्थिति बनाए रख सकते हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार रिजर्व बैंक ब्याज दर में कटौती की दिशा में कोई अगला कदम बढ़ाने से पहले मानसून की प्रगति का थाह लेना चाहेगा। मानसूनी वर्षा की शुरूआत में इस साल देर हो रही है पर मौसम विभाग और निजी एजेंसियों ने वर्षा सामान्य या उससे ऊपर रहने का अनुमान लगाया है।
जेएनयू का नाम सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी किया जाए :स्वामी

जेएनयू का नाम सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी किया जाए :स्वामी

दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) का नाम बदलकर सुभाष चन्द्र बोस यूनिवर्सिटी रखने की मांग करते हुये भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने शनिवार को आरोप लगाया कि वह ऐसे लोगों का अड्डा बनता जा रही है जो देश के खिलाफ साजिश में शामिल है।
सब्सिडी से मजबूत नहीं हो सकता रियल्टी क्षेत्र : जेटली

सब्सिडी से मजबूत नहीं हो सकता रियल्टी क्षेत्र : जेटली

रियल एस्टेट कारोबार के लिए मंदी का दौर शीघ्र समाप्त होने की उम्मीद करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि इस क्षेत्र को बाजार अर्थव्यवस्था पर जीवित रहना होगा और सब्सिडी उसके अस्तित्व का मूलाधार नहीं होना चाहिए।
चीनी मीडिया ने उड़ाया भारत का मजाक

चीनी मीडिया ने उड़ाया भारत का मजाक

अमेरिकी मीडिया में आई इस खबर पर चुटकी लेते हुए कि अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के लिए अगले बड़े मोर्चे के तौर पर भारत ने चीन की जगह ले ली है, सरकारी चाइना डेली ने एक आलेख में कहा है कि भारत उस मुकाम तक भी नहीं पहुंच पाया है, जहां चीन पांच साल पहले था।
क्या राहुल में संभावनाएं देख रहे हैं कॉरपोरेट

क्या राहुल में संभावनाएं देख रहे हैं कॉरपोरेट

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अम‌ेरिका के कोलेरेडो स्थित एस्पेन इंस्टीट्यूट में एक वैश्विक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने की जानकारी कांग्रेस पार्टी की ओर से मीडिया को दी गई है। राहुल गांधी के साथ इस कॉन्फ्रेंस में एक कांग्रेस के एक और युवा नेता मिलिंद देवड़ा भी शिरकत कर रहे हैं और खुद देवड़ा ने इससे जुड़ी तस्वीरें ट्विटर पर शेयर की हैं। यहां सवाल यह पूछा जा रहा है कि आखिर यह कौन सी कॉन्फ्रेंस है जिसमें दुनिया की इतनी दिग्गज हस्तियां और कई देश के राष्ट्राध्यक्ष, नीति नियंता आदि शिरकत कर रहे हैं।
अर्थव्यवस्‍था को गति देने के लिए ब्याज दर में कटौती की उम्‍मीद

अर्थव्यवस्‍था को गति देने के लिए ब्याज दर में कटौती की उम्‍मीद

अर्थव्यवस्‍था में तेजी लाने के लिए ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के अनुमान के बीच भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन कल चालू वित्त वर्ष ‌की चौथी दोमाही मौद्रिक नीति पेश करेंगे।
सुरक्षा परिषद सीट के लिए जापान से गठजोड़ भारत की गलतीः चीन

सुरक्षा परिषद सीट के लिए जापान से गठजोड़ भारत की गलतीः चीन

चीन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की मांग के लिए जापान, जर्मनी और ब्राजील के साथ भारत का गठबंधन करना एक बहुत बड़ी गलती है।
थोक मंहगाई दर घटी, लगातार 10 महीने जीरो से कम

थोक मंहगाई दर घटी, लगातार 10 महीने जीरो से कम

पिछले महीने मंहगाई दर घटकर शून्य से 4.95 प्रतिशत नीचे चली गई। आज जारी हुए महंगाई के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। हालांकि इस दौरान प्याज और दलहन लगातार मंहगी हुई हैं।
वैश्विक हलचल से चिंतित प्रधानमंत्री उद्योगपतियों से मिले

वैश्विक हलचल से चिंतित प्रधानमंत्री उद्योगपतियों से मिले

वैश्विक नरमी के बीच अर्थव्यवस्‍था कैसे प्रोत्साहित हो इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के जाने-माने उद्योगपतियों, बैकरों, अर्थशास्त्रियों और मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक का विषय था, हाल का वैश्विक घटनाक्रम-भारत के लिए अवसर। वैश्विक स्तर मंदी को लेकर चल रहे उठा-पटक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चितिंत कर दिया है। इसी चिंता का परिणाम है वह लगातार उद्योग संगठनों और उद्योगपतियों से मिल रहे हैं। इससे पहले 30 जून को भी प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों और उद्योग संगठनों से चर्चा की थी।
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