सिंधू इस टूर्नामेंट में रजत जीतने वाली भारत की दूसरी शटलर हैं। इससे पहले साइना नेहवाल ने साल 2015 में जकार्ता में हुई विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था।
रियो ओलंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधू ने तूफानी प्रदर्शन करते हुए नौंवीं सीड चीन की चेन यूफेई को लगातार गेमों में 21-13, 21-10 से पीटकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
पीवी सिंधू और साइना नेहवाल ने चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही भारत के दो मेडल पक्के हो गए हैं। इसके साथ ही सिंधू ने भी वर्ल्ड चैम्पियनशिप का अपना तीसरा मेडल भी पक्का कर लिया।
खेल और खिलाड़ियों की दशा पर अक्सर लोग बात करते दिखाई देते हैं। खेल की हालत में सुधार और प्रोत्साहन देने जैसी शासकीय घोषणाएं भी समय-समय पर की जाती हैं। खेलों में न्यूनतम सुविधाएं मिलने अथवा नहीं मिलने की परिचर्चा भी आम है, लेकिन बात खिलाड़ियों की जान पर आ जाए तो आप इसे क्या कहेंगे?
तारीख 18 जून और दिन था रविवार। सारा देश पूरी तैयारी के साथ आईसीसी चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले पर नजरे गड़ाए बैठा था। मुकाबले के 1 दिन पहले से ही मीडिया और सोशल मीडिया पर इस मैच को लेकर दोनों देशों की तरफ से जंग शुरु हो चुकी थी। ये मुकाबला इंग्लैंड की राजधानी लंदन के ओवल में भारतीय समयानुसार 3 बजे से शुरु होने वाला था।
देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और डेंटल कोर्स में एडमिशन के लिए रविवार को हुई ‘नीट’ से एक दिन पहले परीक्षा को लेकर जहां कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। वहीं, परीक्षा में की गई सख्ती के बाद अजीबोगरीब घटनाएं सामने आई। कहीं छात्राओं की चेकिंग के दौरान उनके इनर वियर उतरवा दिए, तो कहीं फुल स्लीव कुर्ती के बाजू काट दिए गए।