Advertisement

Search Result : "Emergency Situations Ministry"

सन टीवी विवाद से पीएमओ ने पल्ला झाड़ा

सन टीवी विवाद से पीएमओ ने पल्ला झाड़ा

द्रमुक के कलानिधि मारन और दयानिधि मारन बंधुओं के सन टीवी समूह के 33 चैनलों को सुरक्षा क्लीयरेंस वापस ले लेने के केंद्रीय गृहमंत्रालय के फैसले में दखल देने का प्रधानमंत्री कार्यालय का कोई इरादा नहीं है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय इन चैनलों को सुरक्षा क्लीयरेंस देने के पक्ष में है। दोनों मंत्रालय इस बारे में आमने-सामने हैं।
सैनिटेरी वेस्ट की नई परिभाषा तय

सैनिटेरी वेस्ट की नई परिभाषा तय

डायपर्स, सैनिटेरी नैपकीन और कॉन्डम आदि जैसे कचरे को खुले में फेंक देने वालों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करने के मूढ़ में है। पर्यावरण मंत्रालय ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर ड्राफ्ट नियमों को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है और 31 जुलाई तक आम जनता से सुझाव मंगवाए हैं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बनाए गए नियमों के मसौदे में पहली बार सैनिटेरी वेस्ट की परिभाषा भी तय की गई है। इसमें डायपर्स, सैनिटेरी नैपकीन और कॉन्डम वगैरह का जिक्र करके बताया गया है कि इनका निपटारा कैसे करना है।
ललितगेट से जुड़ी जानकारी देने से विदेश मंत्रालय का इन्‍कार

ललितगेट से जुड़ी जानकारी देने से विदेश मंत्रालय का इन्‍कार

लंदन में ललित मोदी को यात्रा दस्‍तावेज दिलावने के मामले में घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज के मंत्रालय ने अब आईटीआई के तहत इस मासले की जानकारी देने से भी इन्‍कार कर दिया है।
एफटीआईआई विवाद: मंत्रालय का हड़ताली छात्रों को बातचीत का न्योता

एफटीआईआई विवाद: मंत्रालय का हड़ताली छात्रों को बातचीत का न्योता

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) पुणे के आंदोलनकारी छात्रों को इस सप्ताह मुलाकात का समय दिया गया है ताकि टेलीविजन अभिनेता गजेंद्र चौहान को अध्यक्ष के पद से हटाने की उनकी मांग पर चर्चा की जा सके। गौरतलब है कि बीते कई दिनों से छात्र गजेंद्र चौहान को उक्त पद से हटाने को लेकर हड़ताल पर हैं।
समाजवादी चिंतक व कवि कमलेश का निधन

समाजवादी चिंतक व कवि कमलेश का निधन

प्रख्‍यात समाजवादी चिंतक, संपादक और कवि कमलेश का शनिवार सुबह दिल्‍ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वह 78 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे।
आपातकाल की बरसी: दु:स्वप्न से ऐन पहले

आपातकाल की बरसी: दु:स्वप्न से ऐन पहले

वर्ष 1975 की 25 जून को इंदिरा गांधी सरकार ने आंतरिक आपातकाल की घोषणा की और भारतीय राजनीति के इस काले अध्याय से जुड़ी घटनाओं को तब अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्‍सप्रेस की एमसीडी बीट कवर करने वाली पत्रकार कूमी कपूर ने किताब की शक्‍ल दी है। यहां हम इस पुस्तक के कुछ अंशों को पाठकों के सामने ला रहे हैं जिनमें आपातकाल से ठीक पहले की घटनाओं का जिक्र है।
इमरजेंसी के अहम किरदार और उनकी भूमिकाएं

इमरजेंसी के अहम किरदार और उनकी भूमिकाएं

40 साल पहले आपातकाल के रूप में हुई लोकतंत्र की हत्‍या के लिए अक्‍सर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके पुत्र संजय गांधी के नाम ही सामने आते हैं। लेकिन इन दोनों के अलावा भी कई अहम किरदार आपातकाल में अहम भूमिका निभा रहे थे।
डूबते जहाज से नौसेना ने बचाई 20 लोगों की जान

डूबते जहाज से नौसेना ने बचाई 20 लोगों की जान

नौसेना के हेलीकॉप्‍टर ने महाराष्‍ट्र के वसई तट के नजदीक 20 लोगों को डूबने से बचा लिया। ये लोग जिंदल कामाक्षी नाम के जहाज पर सवार थे जो डूब रहा है।
तीस्ता सीतलवाड़ के दो एनजीओ को नोटिस

तीस्ता सीतलवाड़ के दो एनजीओ को नोटिस

गुजरात के दंगों से जुड़े मामलों को जोर-शोर से उठाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद को घेरने का एक और प्रयास किया गया है। इस बार केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनके द्वारा संचालित दो एनजीओ को विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
Advertisement
Advertisement
Advertisement