18 सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्तान को लेकर विवाद गंभीर मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। इस विवाद में बुधवार को नया मोड़ तब आया जब मशहूर अभिनेता और नाटककार गिरीश कर्नाड को जान से मारने की धमकी दी गई।
व्यापमं महाघोटाले से जुड़े लोगों की लगातार हो रही मौतों पर विराम लग गया था, पर इससे जुड़े पूर्व पर्यवेक्षक मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी 65 वर्षीय विजय बहादुर सिंह की उड़ीसा में मौत हो गई है। वे 2010 से 13 व्यापमं के पर्यवेक्षक रह चुके थे और हादसे के वक्त उड़ीसा से भोपाल लौट रहे थे। उनकी पत्नी के अनुसार उड़ीसा के झारसुगुड़ा स्टेशन के पास वे बाथरूम जाने के लिए उठे थे, उसके बाद वापस नहीं आए। सिंह का शुक्रवार को भोपाल में अंतिम संस्कार किया गया।
गृह मंत्रालय द्वारा विधि आयोग की मृत्युदंड खत्म करने की सिफारिश को यह कहते हुए खारिज किए जाने की संभावना है कि आतंकवाद के खतरे को देखते हुए संविधान से इसे पूरी तरह खत्म करने का अभी वक्त नहीं आया है।
डेंगू संकट से जूझ रहे दिल्लीवासियों के ऊपर अब स्वाइन फ्लू का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली में स्वाइन फ्लू फैलने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्वाइन फ्लू के संभावित खतरे से दिल्लीवासियों को चेताया है।
डेंगू के डंक ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी प्रताप पहलवान कबलाना को ऐसा चित किया कि वह जिंदगी की बाजी ही हार गया। पहलवान का इलाज गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। पहलवान की मौत से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है।
दिल्ली में पांच साल में डेंगू के सबसे बुरे प्रकोप के चलते यहां अस्पतालों को मरीजों के लिए बिस्तर उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है जबकि चिकित्सक शिकायत कर रहे हैं कि वे काम के बोझ से दबे जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने वेक्टर-जनित रोग को नियंत्राण करने के लिए उपाय तेज कर दिए हैं, लेकिन स्थिति को पूरी तरह काबू में किया जाना अभी बाकी है, क्योंकि डेंगू के मामलों की संख्या 2,000 तक पहुंचने को है।
बारिश का मौसम जैसे-जैसे आगे बढ़ता जाता है डेंगू के मरीजों की भीड़ अस्पतालों और डॉक्टरों के क्लिनिकों में बढ़ने लगती है। जिन डॉक्टरों के यहां सामान्य रूप से मरीज को भर्ती करने की कोई सुविधा नहीं होती उनके यहां भी कुछ बिस्तर लगाकर मरीजों को पानी चढ़ाने के दृश्य आम देखे जा सकते हैं।
मध्य भारत के भील आदिवासियों की संस्कृति में ऐसा माना जाता है कि मृत और जीवित आत्माएं एक ही साथ एक ही क्षेत्र में निवास करती हैं। मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के इलाकों में पाई जाने वाली इस भील जाति से जुड़ी ऐसी ही कई अन्य परंपराओं और रीति-रिवाजों को विक्रम मोहन ने एक समकालीन नृत्य नाटिका में समेटा है। उन्होंने इसका नृत्य निर्देशन भी किया है।