भारत सहित दुनिया भर में एक बार फिर से साइबर हमला हुआ है। इसका शिकार भारत के मुंबई स्थित कंटेनर पोर्ट जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) समेत दुनिया की 20 बड़ी कंपनियां हुई हैं।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। किसी भी सार्वजनिक बैठकों में स्टेज, तंबू, मंच या किसी अस्थाई ढांचे के इस्तेमाल से पहले उसकी गहन जांच होगी। फायर विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद ही इन्हें इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके लिए सरकार ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को प्रोटोकॉल देने वाली ब्लू बुक में संसोधन कर दिया है।
साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत को आजकल कई लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध का कारण कुछ और नहीं बल्कि रजनी के राजनीति में आने की खबरों को लेकर है। एक स्थानीय संगठन तमिलर मुन्नेत्र पडाई (टीएमपी) ने उनके खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है।
ऑनलाइन फूड डिलिवर्स कंपनी जोमेटो पर साइबर अटैक हुआ है। ब्लॉग में कंपनी ने 1.7 करोड़ यूजर्स के डाटा के चोरी होने की जानकारी दी है। कंपनी ने यह भी कहा कि पेमेंट से संबंधित कोई डाटा चोरी नहीं हुआ है।
दुनिया भर में हड़कंप मचाने वाले साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने की आशंका है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी कंपनियां कह रही है कि रैंसमवेयर सायबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया की साजिश हो सकती है।
विश्व भर में हो रहे रैंसमवेयर वायरस के हमले अभी थमने का नाम नहीं ले रहे है। इस दौरान आरबीआई ने रैंसमवेयर वायरस पर बैंकों को सावधानी बरतने की अपील की है। इस वायरस से बचाने के लिए देश में सुरक्षा के मद्देनजर कुछ एटीएम को बंद किया गया है। आरबीआई का कहना है कि बिना सॉफ्टवेयर अपडेट किए एटीएम चालू न किए जाएं।
साइबर विशेषज्ञ गौरव कौशिक ने बताया, साइबर सिक्योरिटी का सवाल आज अहम हो गया है क्योंकि रोज ही साइट्स हैक करने के मामले सामने आ रहे हैं। साइबर के रोज ही नए-नए वर्जन आ रहे हैं जिनके लिए एंटी वायरस भी अपडेट होने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अपनी बेबसाइट पर पैन नंबर या पासवर्ड नहीं डाले ताकि आसानी से हैक न किया जा सके।
पंजाब के गुरुदासपुर में सोमवार सुबह बीएसएफ ने एक पाकिस्तानी महिला घुसपैठिए को मार गिराया। रविवार को एक दिन पहले ही भारत-नेपाल बॉर्डर पर एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को गिरफ्तार किया गया था।
ब्रिटेन और अमेरिका सहित लगभग 100 देशों में एक बड़े साइबर अटैक का मामला सामने आया है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार मालवेयर कंप्यूटर वायरस 'रैंसमवेयर' कंप्यूटर को प्रभावित कर रहा है। इस मेलवेयर कंप्यूटर वायरस ने लगभग 100 देशों के कंप्यूटर सिस्टम को किसी न किसी रूप में नुकसान पहुंचाया है।