एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन औवेसी ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि मोदी सरकार को सबसे पहले कश्मीर को लेकर अपनी पॉलिसी बतानी चाहिए। ओवैसी का कहना है कि मोदी सरकार के पास कश्मीर को लेकर न तो कोई विजन है और न ही कोई प्रभावी नीति।
मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने पर सरकार की उपलब्धियां देशभर में बताने के लिए बीजेपी ने बड़ी तैयारी की है। बीजेपी के 450 से ज्यादा नेता 25 मई से 15 जून तक देश के 900 जगहों का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी 26 मई को गुवाहाटी में रैली को संबोधित करेंगे, तो अमित शाह त्रिवेंद्रम और गंगटोक के पार्टी कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
लोगों को सफाई के मामले में संदेश देने के लिए सात मई को दिल्ली भाजपा बड़ा अभियान चलाएगी। इसका मकसद निगम में जीतकर आए पार्षदों को अभी से अपने काम के प्रति सजग करना है। इसमें डेरा सच्चा सौदा व कई एनजीओ भी शिरकत करेंगे।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर और उससे जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में मोदी सरकार की नीति राजनीति से प्रेरित है। मायावती ने जम्मू कश्मीर, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बसपा पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा, जम्मू कश्मीर और उससे जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में मोदी सरकार की नीति एवं कार्यप्रणाली देशहित से ज्यादा राजनीति से प्रेरित लगती है।
देश में बुजुर्गों से संबंधित योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा की आवश्यकता बताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय नीति एनपीओपी जैसी योजनाएं 1990 के दशक की हैं और सरकार को इन पर पुनर्विचार तथा समीक्षा करने की जरूरत है।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया अपने वीजा नियमों में बदलाव कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बदलाव का असर भारत सहित अन्य देशों पर पड़ने वाला है। लिहाजा भारत सरकार ने ऑस्ट्रेलिया और अमेरिकी सरकार से विचार विमर्श करने को कहा है।
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के लिए बनी नीति पर भारत के बदले रुख से पड़ोसी पाकिस्तान परेशान सा दिख रहा है। या यूं कहें कि परमाणु हथियार पॉलिसी में 'नो फर्स्ट यूज' पर भारत के बदलते विचार से पाकिस्तान घबराया हुआ है।
इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की हिदायतों का नतीजा कहें, या फिर मानवीय जिम्मेदारी का बोध। बहरहाल, कार्यभार ग्रहण करने गये प्रदेश के पर्यावरण राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी ने खुद झाडू़ लेकर अपने दफ्तर और उसके बाहर के गलियारे की सफाई की।