पर्यावरण मंत्रालय ने पिछले दो साल में जिस तेजी से धड़ाधड़ परियोजनाओं को मंजूरी दी है उसी कड़ी में जलाभूमि (वेटलैंड) नियमों में तब्दीली की सिफारिश को देखा जा सकता है
भूजल स्तर में लगातार गिरावट आने, शहरों का विस्तार होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी, जलवायु परिवर्तन, देश के 20 राज्यों में जल विषाक्तता के बीच जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण को लेकर एक समग्र, व्यापक राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग के साथ जल को संविधान की समवर्ती सूची में रखने के विचार पर बहस शुरू हो गई है।
असम जीतने के बाद भाजपा का अब सारा ध्यान उत्तर प्रदेश में है, जहां अगले साल चुनाव होने हैं। अगर यहां पार्टी कामयाब होती है तो उसे 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए एक नया विश्वास मिल जाएगा। भाजपा अब अपनी सारी रणनीति इसी राज्य काे ध्यान में रखते हुए तैयार कर रही है।
पूरे देश में शराबबंदी लागू कराने की इच्छाशक्ति के बहाने ही सही, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश का प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश भी जता दी है। नीतीश ने शराबबंदी को पहले झारखंड और उत्तर प्रदेश में लागू करने के साथ ही पूरे देश में इस पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की है। इसके बाद इसे वह महाराष्ट्र, उत्तराखंड और राजस्थान में लागू कराना चाहते हैं। इसी बहाने वह इन राज्यों में महागठबंधन की भी उम्मीद कर रहे हैं।
राज्यसभा में अपनी सदस्यता के आखिरी दिन बतौर मनोनीत सदस्य कवि और लेखक जावेद अख्तर भारत माता के जयकारे के साथ छा गए। दरअसल, एमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर उन्होंने निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संविधान अगर भारत माता की जय बोलने के लिए नहीं कहता तो शेरवानी पहनने के लिए भी नहीं कहता।
धर्मनिरपेक्षता की धारणा पर कुछ हद तक सवाल खड़े करते हुए संविधान दिवस (26 नवंबर 2015) के आयोजन ने इस बहस को एक बार फिर से खड़ा कर दिया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने उस दलील को दोहराया जिसे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ परिवार अर्से से उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता शब्द की विकृत परिभाषा का उपयोग समाज में तनाव उत्पन्न कर रहा है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों की होड़ में नहीं है। उन्होंने ‘आप’ सदस्यों को चुनाव के पीछे नहीं भागने की सलाह देने के बावजूद यह कहा कि पंजाब के अगले चुनावों में पार्टी को दिल्ली जैसा मौका मिल सकता है।
गृह मंत्रालय द्वारा विधि आयोग की मृत्युदंड खत्म करने की सिफारिश को यह कहते हुए खारिज किए जाने की संभावना है कि आतंकवाद के खतरे को देखते हुए संविधान से इसे पूरी तरह खत्म करने का अभी वक्त नहीं आया है।
गुजरात में पटेल जाति के लिए जारी आरक्षण आंदोलन बीच ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा का समर्थन करते हुए कहा है कि इसका राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही उन्होंने इसके लिए एक गैर-राजनीतिक समिति गठित का सुझाव दिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरक्षण की जरूरत किसे और कितने समय तक है।