चीन ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की मांग के लिए जापान, जर्मनी और ब्राजील के साथ भारत का गठबंधन करना एक बहुत बड़ी गलती है।
विदेशी मुद्रा भंडार में 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान 2.36 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। इससे पूर्व दो सप्ताह के दौरान इसमें कुल 6.322 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।
तिब्बती शहर नांगचेन में एक भारतीय भिक्षु ने 2000 साल पुराने एक स्तूप का जीर्णोद्धार कराया और धार्मिक अनुष्ठान के साथ इसे प्रतिष्ठित किया है। यह स्तूप भगवान बुद्ध की निशानी के रूप में बनाए गए 19 स्तूपों में से एक है जिन्हें सम्राट अशोक ने चीन भेजा था। यह स्तूप भारत से बौद्ध धर्म के चीन आगमन का प्रतीक है।
चीन में एक महिला अपने पति की नौकरी बचाने की खातिर आठ माह का गर्भ गिराने की गैरकानूनी पहल पर विचार कर रही है। दरअसल आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे चीन में छंटनी का दौर चल रहा है और वहां शहरी क्षेत्र में सिर्फ एक बच्चे को ही जन्म देने का कानून है।
चीन ने अपने दक्षिणपूर्वी फुजियान प्रांत की ओर तेजी से बढ़ रहे साउडलर तूफान से बचाव की कोशिशें तेज कर दी हैं। इसके मद्देजनर 1.58 लाख लोगों को उनके घरों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। यह तूफान आज किसी समय इस प्रांत में कहर बरपाएगा।
उच्चतम न्यायालय ने सरकार की सभी नागरिकों को आधार कार्ड मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ को सौंपने के केंद्र के आग्रह पर आज सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि वह इस बारे में निर्णय करेगी कि केंद्र द्वारा उठाए गए सवालों को वृहद पीठ को भेजा जा सकता है या नहीं।
अब तक चीन भारत को भले ही घोषित रूप से अपने लिए खतरा नहीं मानता रहा हो और भारत के साथ दोस्ती को बढ़ावा देने की बात करता रहा हो मगर अब उसने आखिरकार यह मान लिया है कि उसके हवाई क्षेत्र को भारत से खतरा हो सकता है।
अमेरिका के साथ क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच चीनी नौसेना ने विवादित दक्षिण चीन सागर में 10 दिन का सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास के महत्व को कम तवज्जो देते हुए चीनी सेना ने कहा है कि यह कल हेनान प्रांत में शुरू हुआ था और किसी पड़ोसी देश के खिलाफ निर्देशित नहीं है।
उच्चतम न्यायालय ने उम्र कैद की सजा पाए कैदियों की सजा माफ कर उन्हें रिहा करने के अधिकार के इस्तेमाल की राज्य सरकारों को इस शर्त के साथ अनुमति प्रदान कर दी कि यह उन मामलों में लागू नहीं होगा जिनकी जांच सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों ने की है और जिन्हें टाडा जैसे केंद्रीय कानून के तहत सजा मिली है।