लंदन में पन्द्रह साल के एक लड़के के ‘असामाजिक’ व्यवहार का पता लगाने के लिए उसे जीपीएस टैग पहनाया गया है। इस प्रकार के टैग वाला यह ब्रिटेन का पहला लड़का हो गया है।
अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच उद्योग मण्डल एसोचैम के एक ताजा सर्वे के मुताबिक सेहतमंद रहने के लिये योग जैसी प्राचीन पद्धति को अपनाने वालों की संख्या में 30 प्रतिशत की उत्साहजनक बढ़ोतरी हुई है। देश में अनुमान के तौर पर करीब चार करोड़ लोग योगाभ्यास करते हैं। योग की आदत ने एक अच्छा खासा बाजार भी तैयार किया है। आजकल लोग लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विशेष वस्त्र, बिछावन, तौलिये और अन्य साजोसामान का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में से पहले पूरे भारत में ही कार्यक्रम हो रहे हैं। कई जगह योग शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरीदाबाद में बाबा रामदेव के सान्निध्य में योग शिविर लगाया गया है।
इमरान ताहिर के रिकार्ड प्रदर्शन के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने त्रिकोणीय एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला के छठे मैच में वेस्टइंडीज को 139 रन से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 343 रन बनाये। जवाब में कैरेबियाई टीम 38 ओवर में 204 रन पर आउट हो गई।
बुडापेस्ट में पहली बार भारतीय दूतावास 17-19 जून तक हंगरी के 9 शहर और 25-26 जून को बोस्निया और हरजेगोविना के 3 शहरों में गंगा-डेन्यूब सांस्कृतिक उत्सव और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। इस संबंध में एक वीडियो भी यूट्यूब पर डाला गया है जिसे पिछले हफ्ते से अब तक हजारों लोग देख चुके हैं।
पंचकूला में चल रहे तीन दिन के योग प्रशिक्षण शिविर के आखिरी दिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी बाबा रामदेव के इशारों पर दाएं-बाएं घूमे। यानी उन्होंने भी योग की बारीकियां सीखीं। तीन दिन का प्रशिक्षण शिविर 21 जून को की पूर्व तैयारी है।
न्यूजीलैंड के महान क्रिकेटर सर रिचर्ड हैडली ने डे-नाइट (दिन-रात्रि) टेस्ट मैचों को आगे बढ़ाने के बारे में बुधवार को कहा कि यह भविष्य के लिये फायदेमंद है क्योंकि यह सिर्फ दर्शकों को ही आकर्षित नहीं करेगा बल्कि टीवी के दर्शकों के लिये भी ज्यादा मुनासिब होगा।
सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में नाबाद शतक जमाकर जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले एक दिवसीय क्रिकेट मैच में भारत को आज नौ विकेट से जीत दिलाई।
भारत में कटे होंठ और तालु के 72,000 से अधिक एेसे मामले हैं, जिनका अब तक उपचार नहीं हो सका है। इस विषय में अध्ययन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं ने स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रयास करने के सुझाव दिये हैं। खराब पोषण और प्रसव पूर्व देखरेख की कमी के कारण निम्न और मध्यम आय वाले देशों में नवजात बच्चों में कटे होंठ और तालु के मामले देखने को मिलते हैं।