सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्सऐप द्वारा शुरू किए नए इनक्रिप्शन पर चिंता जताते हुए कहा है कि राष्ट्रविरोधी तत्व अपने नापाक इरादों के लिए इसका दुरूपयोग कर सकते हैं।
केंद्र सरकार ने वाहन कंपनी फॉक्सवैगन द्वारा उत्सर्जन संबंधी जांच में धोखाधड़ी को बहुत सोच समझकर किया गया अपराध बताते हुए आज कहा कि भारत में सभी डीजल यात्री वाहनों की अगले छह महीने में जांच की जाएगी ताकि यह देखा जा सके कि वे नियमों का पालन करते हैं या नहीं।
मेगा स्टार अमिताभ बच्चन या किंग खान शाहरूख खान या बॉलीवुड के दंबग सलमान खान आपके डायलॉग बोलें तो कैसे लगेगा? जरूर मजा आएगा। आपकी यह तमन्ना मोबाइल एप येडब (yedub) पूरी करेगा। येडब पहला ऐसा एप है, जहां स्टार यूजर के डायलॉग को अपनी आवाज देते हैं।
रियल एस्टेट कारोबार के लिए मंदी का दौर शीघ्र समाप्त होने की उम्मीद करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि इस क्षेत्र को बाजार अर्थव्यवस्था पर जीवित रहना होगा और सब्सिडी उसके अस्तित्व का मूलाधार नहीं होना चाहिए।
लखनऊ के फोटो जर्नलिस्ट आशुतोष त्रिपाठी के कैमरे से ली गईं कुछ तस्वीरों ने न सिर्फ एक बुजुर्ग टाइपिस्ट को इंसाफ दिलाया बल्कि सोशल मीडिया की ताकत का भी अहसास करा दिया। पूरी ईमानदारी और साहस से अपना फर्ज निभाने वाले आशुतोष के जज्बे की भी खूब तारीफ हो रही है।
सोशल मीडिया की बढ़ते महत्व को देखते हुए समाजवादी पार्टी अब मोबाइल एप्लीकेशन ‘एप’ के जरिए पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार करेगी। इसके लिए #samajwadiakhilesh समाजवादी अखिलेश के नाम से मोबाइल एप्लीकेशन ‘एप’ लांच किया गया।
निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई बैंक ग्रामीण इलाकों में ग्राहकांे को 15 लाख रुपये तक का ऋण आधार दर पर उपलब्ध कराएगा। आधार दर बैंकों की कर्ज पर ली जाने वाली सबसे निम्न ब्याज दर होती है। बैंक महिलाआंे को पहले ही आधार दर पर कर्ज उपलब्ध करा रहा है।
आप के कोंडली से विधायक मनोज कुमार को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मनोज कुमार पर उनके पूर्व साझेदार ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
दालों की बढ़ती महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने दालों के आयात का फैसला किया है जबकि चीनी मिलों को 6 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाएगा। इससे पहले भी केंद्र और राज्य सरकारें चीनी मिलों को कई राहत पैकेज दे चुकी हैं। इसके बावजूद गन्ना किसानों को करीब 21 हजार करोड़ रुपये का भुगतान चीनी मिलों के पास अटका हुआ है।