सर्जरी कराने के बाद जयपुर के अस्पताल से मुंबई लौटने के बाद भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने दुर्घटना में आहत हुए परिवार को वित्तीय सहायता की पेशकश की है। अपनी बेटी ईशा देओल और दामाद भरत तख्तानी के साथ 66 वर्षीया अभिनेत्री शनिवार को चार्टर्ड विमान से मुंबई लौट गईं।
बीजेपी सांसद हेमा मालिनी की कार से दौसा में चार वर्षीय सोनम नाम की छोटी से बच्ची की मौत हो गई, और भी दुखद है कि बच्ची के भाई सोमिल ही हालत भी नाजुक बनी हुई है। दुर्घटना के दिन मीडिया और लोगों को चिंता थी तो सिर्फ हेमा की। हादसे में जख्मी हुईं हेमा हादसे के बाद पांच लोगों को लहूलुहान हालत में घटनास्थल पर छोड खुद जयपुर चली गईं। इस वजह से सोशल मीडिया पर हेमा की कड़ी आलोचना जारी है। सोनम के पिता हनुमान खांडेलवाल ने कहा कि यदि उनकी बेटी को भी हेमा मालिनी के साथ जयपुर के फोर्टिस अस्पताल ले जाया जाता तो उसकी भी जान बच सकती थी। सोनम के घायल पिता का एसएमएस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिल्ली में 1993 के बम विस्फोट मामले में दोषी करार दिए गए प्रो. देवेन्दर पाल सिंह भुल्लर को कड़ी पुलिस सुरक्षा में दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमृतसर के केंद्रीय कारागार ले जाया गया। एंबुलेंस में लाए गए भुल्लर को दिल्ली पुलिस की सशस्त्र टीम की सुरक्षा में लाया गया। इसे लेकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है। वर्ष 2017 में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इसे एक राजनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
शनिवार को दो सड़क हादसे में करीब ४० लोगों की मौत हो गई। पहली घटना आंध्र प्रदेश की है जहां दौलेश्वरम में गोदावरी नदी पर बने एक पुल से एक वाहन गिर जाने से उसमें सवार सात बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के एटा जिले में ट्रैक्टर -टालियों पर सवार लोगों को पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें १७ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि ३० से अधिक लोग घायल हुए हैं।
बांग्लादेश की पहली यात्रा पर शनिवार को ढाका पहुंच रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं और दोनों देशों को इस यात्रा से दि्वपक्षीय संबंधों के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने तथा आर्थिक एवं व्यापार संबंधों की संभावनाओं के पर्याप्त दोहन की उम्मीद है।
लोकसभा में कांग्रेस के एक सदस्य ने रेल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और इस दौरान सियालदाह-कृष्णानगर लोकल ट्रेन के एक डिब्बे में मंगवार तड़के हुए विस्फोट का जिक्र करते हुए सरकार पर यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
मिसरा बेशक यह साहिर लुधियानवी के गीत का है लेकिन अफसानानिगार सआदत हसन मंटो पर सटीक बैठता है। ताउम्र ढोंग, तमाशे और साहित्य की राजनीति से दूर रहने वाले मंटो ने कहा था- ‘ हर शहर में बदरौएं और मोरियां मौजूद हैं जो शहर की गंदगी को बाहर ले जाती हैं। हम अगर अपने मरमरी गुसलखानों की बात कर सकते हैं, अगर हम साबुन और लैवेंडर का जिक्रकर सकते हैं तो उन मोरियों और बदरौओं का जिक्र क्यों नहीं कर सकते जो हमारे बदन की मैल पीती हैं।‘ मंटो की 100वीं जन्मशताब्दी से लेकर आज तक उनके नाम पर उनके तथाकथित मुरीदों ने राजनीति, तमाशा और ढोंग ही किया है। मंटो के इन मुरीदों को वह सब चाहिए जो मंटो को नहीं चाहिए था। मंटो के माएने तो यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है।