ऑस्कर पुरस्कार से सम्मानित संगीतकार ए आर रहमान भले ही संगीत के बारे में सब कुछ जानते हों पर जब उन्हें महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले के बारे में जानकारी जुटाने के लिए गूगल सर्च इंजिन का सहारा लेना पड़ा।
पूर्व लेग स्पिनर और गुगली के बादशाह अब्दुल कादिर ने पाकिस्तान क्रिकेट में भाई भतीजेवाद और पक्षपात की आलोचना की है। उन्होंने कहा, इस तहजीब से पाकिस्तान क्रिकेट बर्बाद हो गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के हर महकमे में पक्षपात और भाई भतीजावाद से नियुक्तियां हुई है।
पाकिस्तान सरकार ने सऊदी अरब में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से संपर्क करने के बाद अपनी क्रिकेट टीम को टी20 विश्व कप के लिए भारत जाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान सरकार की ओर से यह पहल पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को भारत के गृह मंत्री राजीव महर्षि के सुरक्षा आश्वासन के बाद की गई है।
‘शाश्वत विकास से हरियाली, स्वच्छ वातावरण, सभी के लिए समृद्धि, युद्ध के भयरहित शांति और विश्व में सभी देशों में सभी नागरिकों के लिए खुशनुमा स्थान को प्राप्त करने का सामर्थ्य मिलता है।’ स्वर्गीय डॉक्टर ए पी जे अब्दुल कलाम के यही वे आखिरी शब्द हैं जो उन्होंने 17 जुलाई 2015 को शिलांग के एक व्याख्यान में कहे थे।
भारत ने परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम रणनीतिक बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सोमवार को सफल प्रायोगिक परीक्षण किया। चार हजार किलोमीटर तक की दूरी पर मौजूद लक्ष्य को भेद सकने वाली इस मिसाइल का परीक्षण ओडिशा के तट पर स्थित एक परीक्षण रेंज से किया गया।
ए आर रहमान के लिए आज दोहरी खुशी का दिन है। एक तरफ उन्हें हृदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई है तो दूसरी ओर ब्राजील के कालजयी फुटबॉल खिलाड़ी पेले अपने कोलकाता प्रवास के दौरान उनसे मिलेंगे।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा के एक विवादित बयान से राजनीतिक गलियारे में हलचल मच गई है। उन्होंने एक टेलीविजन इंटरव्यू में कह दिया कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम मुस्लिम होने के बावजूद एक राष्ट्रवादी और महान मानववादी थे।
डा. एपीजे अब्दुल कलाम जिस दिन राष्ट्रपति पद की शपथ ले रहे थे उस समय मेरी डयूटी राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में थी। दिल्ली पुलिस की नौकरी करते हुए मैं बहुत से लोगों की सुरक्षा में रहा लेकिन उस दिन पता नहीं क्यों मुझे लग रहा था कि आज जो आदर्श पुरूष देश के पहले नागरिक रूप में शपथ ले रहे हैं वह लोगों से बिल्कुल अलग हटकर हैं। मेरी अंर्तआत्मा से आवाज आई और कुछ शब्द कविता के रूप मैंने महामहिम डा. एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में लिखा।