Advertisement

Search Result : "Abdul Bari Siddiqui"

लेखक बने नवाजुद्दीन सिद्दीकी

लेखक बने नवाजुद्दीन सिद्दीकी

बड़े पर्दे पर अपने अभिनय का जौहर दिखाने के बाद बॉलीवुड स्टार नवाजुद्दीन सिद्दीकी अब लेखन में अपना कमाल दिखाने वाले हैं और अब उन्होंने अपने हाथों में कलम थाम ली है।
कश्मीर: शहीद अब्दुल राशिद की बेटी जोहरा की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे गौतम गंभीर

कश्मीर: शहीद अब्दुल राशिद की बेटी जोहरा की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे गौतम गंभीर

जोहरा के पिता अब्दुल राशिद जम्मू-कश्मीर पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे।30 अगस्त को आतंकियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।
जरा सा निशाना चूक गई बाबूमोशाय की बंदूक

जरा सा निशाना चूक गई बाबूमोशाय की बंदूक

बाबूमोशाय बंदूकबाज फिल्म के शीर्षक से यह तो पता चल रहा है कि यह बंदूक की कहानी है। बंदूक होगी तो गोलियां भी होंगी, गोलियां होंगी तो गालियां खुद ब खुद चली आएंगी और खून...वह तो फैलेगा ही।
तमिलनाडु पहुंचे पीएम मोदी ने किया एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन

तमिलनाडु पहुंचे पीएम मोदी ने किया एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर तमिलनाडु के रामेश्वरम में एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम ने डॉ. कलाम के परिजनों से मुलाकात की।
गांधी के विरोधियों को कांग्रेस का जवाब, ‘अब्दुल कलाम भी चाहते थे किसी को न हो फांसी’

गांधी के विरोधियों को कांग्रेस का जवाब, ‘अब्दुल कलाम भी चाहते थे किसी को न हो फांसी’

शिवसेना द्वारा गोपाल कृष्ण गांधी पर दिए विवादित बयान के बाद कांग्रेस ने इसका जवाब दिया है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा था कि गांधी ने याकूब मेनन की फांसी का विरोध किया था। इस बयान के बाद सियासी हलकों में खलबली मच गई थी।
मॉम बनकर भी छाई हवा हवाई गर्ल

मॉम बनकर भी छाई हवा हवाई गर्ल

इंग्लिश-विंग्लिश के बाद श्रीदेवी ने मॉम के रूप में एक बार फिर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। फिल्म शुरू होते ही लगता है कि निर्देशक रवि उद्यावर कुछ ऐसा रचने जा रहे हैं जो श्री और सभी के खाते में एक ऐतिहासिक सफलता दर्ज करा जाएगा। लेकिन फिल्म जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, बॉलीवुडिया मसाले की अधिकता उसे एक आम फिल्म बना कर छोड़ती है। फिल्मी संवाद, रोना, फिर विलेन को मारना और दो लोगों की गलतफहमी प्यार में बदल जाती है। बस फिल्म खत्म।
‘रूह अफजा’ की मिठास में सांप्रदायिकता की कड़वाहट

‘रूह अफजा’ की मिठास में सांप्रदायिकता की कड़वाहट

सांप्रदायिकता का रंग इंसानों पर चढ़ते देखना तो आम है, लेकिन अब यह शरबत में भी कड़वाहट घोलने की तैयारी कर रहा है। कई वर्षों से भारतीय व्रत त्यौहारों और भंडारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाला, गर्मियों में गला तर करने वाला ‘रूह अफजा’ अब सांप्रदायिकता की चपेट में हैं।
Advertisement
Advertisement
Advertisement