बैंकों से ऋण लेकर विदेश भागने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या आज प्रत्यर्पण मामले में सुनवाई के लिए लंदन के एक कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने 4 दिसंबर तक के लिए माल्या को जमानत प्रदान की है। साथ ही, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की है।
वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.1 प्रतिशत की दर से वृद्धि करेगी जबकि अगले दो वित्त वर्ष में यह बढ़कर 7.7 प्रतिशत तक रहेगी।
उपराज्यपाल अनिल बैजल के अभिभाषण के साथ दिल्ली विधानसभा का पांच दिन का बजट सत्र आज शुरू हो गया। बैजल ने सरकार के काऱ्र्याों और उपलब्धियाोंं काो गिनाया। उन्हाेने पिछले साल दिसंबर में कार्यभार संभाला था जिसके बाद से यह उनका पहला अभिभाषण है।
पूरे देश में और खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी की मजबूती पर जोर देते हुए सरकार ने आज कहा कि देश में 76 हजार ग्राम पंचायतों तक आॉप्टिकल फाइबर केबल बिछ चुकी है और दिसंबर 2018 तक देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
राजनीतिक दलों पर बेनामी नकद चंदे की सीमा 20,000 रुपये से घटा कर 2,000 रुपये तक सीमित करने के बाद सरकार ऐसा कानूनी संशोधन करने जा रही है जिसके तहत उन्हें हर साल दिसंबर तक आय का विवरण विभाग में दाखिल करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने उन्हें मिली कर छूट खत्म हो जाएगी।
18 दिसंबर को चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ के आरोपों पर मंगलवार को नगर निगम, डीसी व अन्य प्रतिवादियों ने जवाब के लिए समय दिए जाने की मांग की। इस पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मामले पर 20 मार्च के लिए अगली सुनवाई तय की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज चेताया कि अमान्य किये गए बड़े नोटों को जमा करने की सीमा 30 दिसंबर को समाप्त होने के बाद बेईमानों को बर्बादी का सामना करना पड़ेगा और कहा कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ देश के मिजाज को कमतर करके नहीं आंके।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को 30 दिसंबर तक एक बैंक खाते में 500 और 1,000 के पुराने या बंद नोटाें में 5,000 रुपये से अधिक की राशि जमा कराने पर कड़े अंकुश लगा दिए। अब 30 दिसंबर तक एक बैंक खाते में पुराने नोटाें में सिर्फ एक बार ही 5,000 रुपये से अधिक की राशि जमा कराई जा सकेगी। इसके लिए जमाकर्ता को बैंक अधिकारियाें को अभी तक पैसा जमा न कराने की वजह बतानी होगी।
अवाम का सिनेमा ने तय किया है कि छोटे कस्बों, दूरदराज के गांवों में गुमनामी में पड़े क्रांतियोद्धाओं की कहानियां दुनिया के फलक पर दस्तावेजों के साथ लायी जाएगी। 2006 में शाह आलम और उनके हमख्याल चंद साथियों के जरिए शुरू की गई इस मुहिम ने दस बरस पूरे कर लिए हैं। इस कड़ी में अयोध्या में अवाम का सिनेमा16 से 19दिसंबर, 2016 तक चार दिवसीय फिल्म फेस्टिवल एवं क्रांतिकारी स्मृति महोत्सव आयोजित कर रहा है।