सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक की दिवंगत नेता जे जयललिता की मौत की सीबीआई जांच या शीर्ष न्यायालय के किसी न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को आज खारिज कर दिया।
तमिलनाडु के मुख्य सचिव राम मोहन राव के चेन्नई में अन्ना नगर स्थित आवास पर आयकर विभाग ने छापा मारा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने यह छापा शेखर रेड्डी से मिली जानकारी के बाद मारा है। अन्ना नगर के अलावा 12 अन्य जगहों पर भी कार्रवाई जारी है।
भीषण चक्रवाती तूफान वरदा चेन्नई के करीब 60 किलोमीटर पूर्वोत्तर में पहुंच गया है और इसके आगामी दो घंटों में चेन्नई में पहुंचने की संभावना है। एेसे में शहर एवं तमिलनाडु के तटीय जिलों तिरूवल्लूर एवं कांचीपुरम में सोमवार को भारी बारिश हुई, निचले इलाकों में पानी भर गया और तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ उखड़ गए।
तेज गति की हवाओं और भारी बारिश के साथ चेन्नई महानगर और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय जिलों में सोमवार को भीषण चक्रवाती तूफान वरदा पहुंचा जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। तूफान के कारण सैकड़ों वृक्ष उखड़ गए, हवाई और भूतल परिवहन बाधित हो गया और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर तरह तरह केे सवाल उठ रहे हैं। ओ पनीरसेल्वम, पी रामचंद्रन, थंबीदुरई, ई पलानीस्वामी और शशिकला नटराजन जैसे कई नाम सामने आए लेकिन किसी एक नाम पर सर्वसम्मति नहीं बनी। तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के अलावा अन्य राज्यों में सत्ताशीन क्षेत्रीय दलों में भी उत्तराधिकारी को लेकर समस्या है।
साल का आखिरी महीना दिसंबर तमिलनाडु में अक्सर उथल पुथल ले कर आता है। राज्य में सुनामी और बाढ़ की प्राकृतिक आपदाओं का कहर दिसंबर में टूटा तथा अन्नाद्रमुक के संस्थापक एम जी रामचन्द्रन की मृत्यु और उसके बाद अब अन्नाद्रमुक की प्रमुख और मुख्यमंत्री जे जयललिता का निधन भी दिसंबर माह में ही हुआ।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का दिल का दौरा पड़ने के बाद सोमवार को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। उनकी हालत गंभीर थी और चिकित्सकों का विशेषज्ञ दल उनके स्वास्थ्य पर गहराई से नजर रख रहा था। जयललिता दो माह से भी ज्यादा समय से अस्पताल में भर्ती थींं।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। जयललिता के निधन के साथ ही एक युग का अंत हो गया। इसी साल जयललिता चौथी बार और लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनकी मौत से राज्य में उनके चाहने वाले लाखों लोगों में मायूूसी छा गई। अभिनय से राजनीति में आईं जयललिता ने राज्य के लोगों पर अपनी अलग छाप छोड़ी।
जयललिता के निधन के बाद अब तीसरी बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने ओ पन्नीरसेल्वम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अन्नाद्रमुक को एक साथ जोड़कर रखने की है। करिश्माई व्यक्तित्व वाली पार्टी सुप्रीमो जयललिता की गैरमौजूदगी में अन्नाद्रमुक अब अपने आप को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश कर रही है।
‘अम्मा’ की शान रानी मां से कम नहीं थी। लेकिन जे. जयललिता गरीबों के दर्द, संघर्ष और आवश्यकताओं को सबसे अधिक समझते हुए व्यावहारिक मदद और कल्याण के कार्यक्रम चेन्नई से सुदूर गांवों तक क्रियान्वित करती रहीं।