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Search Result : "सीट बंटवारा"

शहडोल लोकसभा सीट पर 41 फीसदी मतदान

शहडोल लोकसभा सीट पर 41 फीसदी मतदान

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रहे उपचुनाव में आज दोपहर एक बजे तक शहडोल लोकसभा सीट पर 41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि नेपानगर विधानसभा सीट पर 53.28 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केंद्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय के बाद हो रहे इस उपचुनाव को अहम माना जा रहा है और इसे नोटबंदी के बाद सत्तारूढ़ भाजपा के लिये पहली बड़ी चुनावी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। मध्यप्रदेश की यह दोनों सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं।
ब्रह्मपुत्र के जल बंटवारे पर भारत के साथ तंत्र स्थापित करना चाहता है चीन

ब्रह्मपुत्र के जल बंटवारे पर भारत के साथ तंत्र स्थापित करना चाहता है चीन

ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी को बाधित कर भारत और पाकिस्तान के बीच पानी की लड़ाई में चीन के शामिल होने की खबरों को चीन की आधिकारिक मीडिया ने आज खारिज कर दिया। चीन ने कहा कि जल बंटवारे के लिए नई दिल्ली और बांग्लादेश के साथ बीजिंग एक संयुक्त बहुपक्षीय सहयोग तंत्र के लिए तैयार है।
टिकटों का बंटवारा : अखिलेश बोले तुरुप के पत्ते का इंतजार करिए

टिकटों का बंटवारा : अखिलेश बोले तुरुप के पत्ते का इंतजार करिए

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा 14 लोगों के टिकट बदलने पर नाराज बताए जा रहे हैं। उन्‍होंने सिर्फ इतना कहा है कि टिकट वितरण के बारे में उनको जानकारी नहीं है कि किसे टिकट दिए गए हैं और किसके काटे गए हैं, बस आप लोग तुरुप के पत्ते का इंतजार कीजिए। इस दौरान वहां समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव भी उपस्थित थे।
यूपी में टिकट बंटवारे पर भाजपा और संघ में अनबन

यूपी में टिकट बंटवारे पर भाजपा और संघ में अनबन

ऐसा लगता है कि यूपी में भाजपा को जिताने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता और इसलिए वहां टिकट बंटवारे में संघ पूरी तरह पार्टी के मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है। बताया जा रहा है कि पार्टी द्वारा कई सीटों पर चुने गए उम्मीदवारों से संघ के स्‍थानीय अधिकारी खुश नहीं हैं और इसलिए पार्टी नवरात्रों में अपनी पहली सूची जारी नहीं कर पाएगी। बताया जा रहा है कि अब दीवाली तक पार्टी अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी।
‘देश को एक और बंटवारे से बचाना होगा’

‘देश को एक और बंटवारे से बचाना होगा’

‘उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक हैं। भारतीय जनता पार्टी किसी भी हालत में उत्तर प्रदेश में जीत हासिल करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उसके लिए बीफ खासकर गाय को मुद्दा बनाया जा रहा है और मुसलमानों को गाय का दुश्मन बताकर आम हिंदू के दिल में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है। जो गाय दूध देती है, परिवार का आर्थिक आधार है, उसी गाय के जरिये वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है।‘ ऐसा कहना है इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के सदर मौलाना तौकीर रजा खान का।
पंजाबः टिकट बंटवारे पर बंटी आम आदमी पार्टी

पंजाबः टिकट बंटवारे पर बंटी आम आदमी पार्टी

पंजाब में टिकट बंटवारे को लेकर आम आदमी पार्टी में न केवल गहरी फूट पड़ गई है बल्कि पार्टी सदस्यों का असंतोष भी खुलकर सामने आ गया है। तीन धड़ों मे बंट चुकी पार्टी के सभी नेता एक-दूसरे की टांग खींचने में लग गए हैं।
अरूणाचल प्रदेश: देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने पेमा खांडू

अरूणाचल प्रदेश: देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने पेमा खांडू

अरूणाचल प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नवनिर्वाचित नेता पेमा खांडू ने आज राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण के साथ ही 37 वर्षीय खांडू देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए।
बिहार जीतने अमित शाह ने ओवैसी से मिलाया था हाथ, पूर्व भाजपा विधायक का दावा

बिहार जीतने अमित शाह ने ओवैसी से मिलाया था हाथ, पूर्व भाजपा विधायक का दावा

गुजरात से भाजपा के पूर्व विधायक ने आरोप लगाया है कि पिछले साल बिहार चुनावों के दौरान भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह और ऑल इंडिया मजलिस इत्‍तेहादुल मुसलतीन के अध्‍यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने समझौता किया था। दोनोंं के बीच यह समझौता हुआ था कि बिहार के मुस्लिम बहुल इलाकों में ओवैसी अपनी पार्टी से उम्‍मीदवार खड़े करेंंगे।
भाजपा पर कसता शिरोमणि अकाली दल का शिकंजा

भाजपा पर कसता शिरोमणि अकाली दल का शिकंजा

पंजाब विधानसभा चुनावों की घड़ी जैसे जैसे नज़दीक आती जा रही है , वैसे वैसे ही शिरोमणि अकाली दल के अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा को दबाव में लेने के प्रयास तेज़ होते जा रहे हैं ।
चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

सौदागर सैकड़ों साल पहले सिल्क रूट से चीन, अमेरिका, यूरोप तक पहुंच जाते थे। तब यात्रा महीनों चलती थी और वाहन सीमित थे। अब तो गोल्डन, डायमंड रूट भी बन गए हैं। ये रूट व्यापार, हथियार के लिए ही नहीं राजनीति में भी कुछ सौदागरों के ‌लिए मुनाफे वाले हो चुके हैं। एक समय था, जबकि भैंरोंसिंह शेखावत जैसे नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पत्नी के हाथ की सोने की चूड़ियां तक बेचनी पड़ती थी और कुछ सौ रुपयों का इंतजाम होता था। अब तो आलम यह है कि कुछ सौदागरों को सरकारी खजाने से एक सौ करोड़ सांसद के नाते अपने पेशे या संस्‍थान के लिए हर महीने 30 करोड़ आने के भरोसे के कारण चुनाव में 25 से 40 करोड़ रुपये लगाना भी सस्ता सौदा लगता है।
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