राजस्थान में पिछले डेढ़-दो साल में दलित और सामाजिक तौर पर उपेक्षित वर्गों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले छह माह में दलित अत्याचारों की लहर सी आ गई है।
बड़ी-बड़ी उम्मीदों और वादों के साथ केंद्र की सत्ता में आई नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार अपना एक साल पूरा करने जा रही है। इस मौके पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक साल के दौरान अपने वादों और नारों पर खरे उतर पाए? इस एक साल में उनका रिपोर्ट कार्ड कैसा रहा? अगर आर्थिक नजरिये से देखा जाए तो मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड बी ग्रेड का कहा जाएगा।
न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम प्रणाली की जगह लेने वाले कानून की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई के लिए गठित संविधान पीठ के समक्ष आज हितों के टकराव और पक्षपात का मुद्दा एक बार फिर उठा।
बिहार की मैट्रिक परीक्षा में कदाचार पर मचे राष्ट्रव्यापी बवाल के बीच राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने यह कहकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है कि अगर उनकी सरकार होती तो वह परीक्षार्थियों को नकल करने के लिए लिए किताब ले जाने की इजाजत दे देते।
बाजार नियामक सेबी की धोखाधड़ी का पता लगाने वाली प्रणाली की क्षमता बढ़ाने की योजना में विप्रो, एचसीएल, टेक महिंद्रा और एलएंडटी इन्फोटेक समेत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियों ने काफी रूचि दिखाई है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज में फंसी राशि मार्च 2014 तक के तीन वर्षों में तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 2.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह जानकारी सरकार ने संसद में दी है।
केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को नकद भुगतान में तब्दील करने के लिए बड़ी खामोशी से कदम उठा रही है। सर्वोच्च न्यायालय के आधार पर जो फैसला दिया था, उसे धता बताते हुए इस सुविधा को 100 फीसदी आधार कार्ड से जोड़ने जा रही है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने खेती-किसानी और सड़क-बिजली-पानी को केन्द्रबिन्दु में लेते हुए वित्त वर्ष 2015-16 का बजट पेश किया है। एक ओर बजट में अगले वित्त वर्ष को किसान वर्ष घोषित किया गया है तो दूसरी ओर मेट्रो रेल, लखनउ-आगरा ऐक्सप्रेस वे तथा बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी पर विशेष बल दिया गया है।