केरल में मंत्रियों और अधिकारियों ने हमेशा से दिए जा रहे उदाहरण को अपनाते हुए एक अच्छी कोशिश की ओर कदम बढ़ाया है। सरकारी स्कूल की जर्जर हालात को देखते हुए हमेशा से एक उदाहरण दिया जाता है कि अगर मंत्रियों और अधिकारियों के बच्चें सरकारी स्कूल में पढ़ने लग जाए तो हालात में तेजी से सुधार हो सकता है।
देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाल ये है कि दुनिया में स्वास्थ्य सेवाओं के मामलों में भारत का 154 वां स्थान है। 195 देशों की सूची में भारत की ऐसी स्थिति संकेत कर रही है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी काफी कुछ किए जाने की जरूरत है।
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव गोठड़ा टप्पा में अनशन पर बैठी छात्राओं की मांग को सरकार ने मान ली है। पिछले एक हफ्ते से 13 छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठी थीं। छात्राओं की मांग थी कि उनके स्कूल को अपग्रेड कर 12वीं तक की कक्षाएं संचालित करवाई जाए। जिस पर शिक्षामंत्री ने कहा कि इसके लिए सरकार जल्द अधिसूचना जारी करेगी।
एकाएक बड़े फैसले लेने वाली उत्तर प्रदेश की योगी ने सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में शनिवार को 'नो बैग डे' करने का फैसला किया है। इस दिन सिर्फ ज्वॉयफुल एक्टिसविटी ही होंगी। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला किया। ो
बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सरकारी मशीनरी का खुलेआम दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि मोदी और भाजपा निरंकुशता और मनमानेपन की सीमा को पार करते जा रहे हैं।
164 सालों से चल रहा था गुजरात के राजकोट का यह स्कूल
पहले इसका नाम अल्फ्रेड हाईस्कूल था जो आजादी के बाद मोहनदास गांधी स्कूल हो गया था
कुछ साल पहले इसके 60 एसएससी छात्रों में सभी बोर्ड में फेल हो गए थे
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा बरकरार रख अदालत ने अपनी तरह से इंसाफ कर दिया है, लेकिन महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के मामले में सरकारी सुस्ती दूर नहीं हुई है। महिला सुरक्षा और पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए स्थापित निर्भया फंड के इस्तेमाल की गति शुरुआत से ही काफी धीमी रही है।
देश की प्रमुख नीति-निर्माता संस्था नीति आयोग ने सरकारी तंत्र पर निर्भरता कम करने के लिए सार्वजनिक सेवाओं को निजी सेवाओं हाथों में सौंपने यानी आउटसोर्स कराने का सुझाव दिया है।
दिल्ली के एक स्कूल द्वारा एक रेप पीड़ित छात्रा को एडमिशन नहीं देने का मामला सामने आया है। छात्रा के परिजनों ने स्कूल पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को प्रवेश देने से स्कूल ने इंकार कर दिया है।