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Search Result : "समय बदलाव"

यह सैनिकों के साथ एकजुटता प्रकट करने का समय : अमिताभ

यह सैनिकों के साथ एकजुटता प्रकट करने का समय : अमिताभ

जीवन के 74 वसंत पूरे करने वाले हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन ने आज कहा कि यह अपने देश के सैनिकों के साथ एकजुटता प्रकट करने का समय है जो सीमा पर आतंकी हमलों का सामना कर रहे हैं।
हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहां सब डरे हुए हैं: टी एम कृष्णा

हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहां सब डरे हुए हैं: टी एम कृष्णा

मैग्सायसाय पुरस्कार विजेता टी एम कृष्णा ने हाल ही में उठी पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध की मांगों की ओर इशारा करते हुए आज कहा कि देश में डर का माहौल है। कर्नाटक संगीत से जुड़े गायक कृष्णा ने उत्तराखंड के रामनगर में कुमायूं साहित्योत्सव (केएलएफ) में अपने व्याख्यान में यह बात कही।
शिक्षा में बदलाव जरूरी, आज की कई नौकरियां भविष्य में नहीं होंगी: नीलेकणि

शिक्षा में बदलाव जरूरी, आज की कई नौकरियां भविष्य में नहीं होंगी: नीलेकणि

इन्फोसिस के सह संस्थापक नंदन नीलेकणि ने कौशल तथा शिक्षा में बदलाव पर जोर देते हुए कहा है कि आज की कई नौकरियां भविष्य में नहीं दिखेंगी।
कड़ी कार्रवाई का समय, अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर नहीं: उद्योग जगत

कड़ी कार्रवाई का समय, अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक असर नहीं: उद्योग जगत

उद्योग जगत ने भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के कदम का पूरा समर्थन करते हुए आज कहा कि यह कड़ी कार्रवाई का समय है।
समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

भारतीय जनता पार्टी अपने नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी के अवसर पर राष्ट्रीय परिषद में भविष्य की दशा-दिशा तय कर रही है। दीनदयालजी कांग्रेस और पंडित नेहरू की विचारधारा से कई अहसमतियां रखते थे और कम्युनिस्टों के तो बिल्कुल विरोधी थे। लेकिन भारतीय जनसंघ (जो एक बार जनता पार्टी में विलय के बाद पुनः भारतीय जनता पार्टी बन गई) के लिए भी दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक-आर्थिक समानता, ग्रामीण अंत्योदय, राजनीतिक ईमानदारी, त्याग, सत्ता में दंभ के बजाय जनता की सेवा और समर्पण के विचारों को बढ़ाना चाहते थे।
ब्रिटिश राज की एक और परंपरा पर लगेगा ताला, 1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

ब्रिटिश राज की एक और परंपरा पर लगेगा ताला, 1 फरवरी को पेश होगा आम बजट

केंद्र सरकार ने पहले ही कहा था कि वह आम बजट अब कुछ हफ्ते पहले पेश करना चाहती है। सरकार की इस मंशा पर अब आम सहमति भी बन गई है। लिहाजा अब अगले वित्त वर्ष (2017-18) का आम बजट एक फरवरी, 2017 को पेश होगा। बजट की तैयारियां भी जो पहले दिसंबर में शुरु होती थी अब वह नवंबर माह के शुरुआत में ही शुरु हो जाएंगी। इस बारे में जल्द ही कैबिनेट से भी मंजूरी ली जाएगी। सरकार का मानना है कि लगभग 4 हफ्ते पहले बजट पेश करने से इसके प्रावधानों को लागू करने के लिए केंद्र व राज्यों के पास ज्यादा समय होगा।
सूरजकुंड मंथन : भाजपा शासित राज्यों में हो सकता है बदलाव

सूरजकुंड मंथन : भाजपा शासित राज्यों में हो सकता है बदलाव

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय राज्यों के संगठन महामंत्रियों की बैठक सूरजकुंड के राजहंस में 13 सितंबर तक चलेगी। मीडिया को इस बैठक से दूर रखा गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसमें पार्टी के संगठनात्मक स्तर, ग्रास रूट तक मजबूती, केंद्र सरकार की नीतियों और खासकर उत्तरप्रदेश पंजाब में जीत का मार्ग प्रशस्त करने पर चर्चा की जा रही है।
भारतीय महिलाओं में बढ़ रहा है अकेले यात्रा करने का चलन

भारतीय महिलाओं में बढ़ रहा है अकेले यात्रा करने का चलन

महिलाएं अब अपने घर की चार दिवारी से निकलकर अकेले घूमने का साहस करने लगी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में इस चलन में बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह बदलाव जानकारियों और बुकिंग की सुविधाओं के आसान हो जाने के कारण भी मुमकिन हो पाया है।
उज्जवला योजना सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम- धर्मेंद्र प्रधान

उज्जवला योजना सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम- धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र प्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्जवला योजना को साकार करने में जुटे हुए हैं। छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने वाले प्रधान की भारतीय जनता पार्टी के संगठन में मजबूत पकड़ है। इसलिए उन्हें मंत्रालय के साथ-साथ उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण जिम्मे‍वारी भी मिली है। आज देश में उज्जवला योजना से लेकर गैस पाइप लाइन और एलपीजी सब्सिडी को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इन्हीं सब मुद्दों पर धर्मेन्द्र प्रधान से आउटलुक ने विस्तार से बातचीत की। पेश है प्रमुख अंश-
पहले बजट के समय अर्थव्यवस्‍था पर श्वेतपत्र लाने की सोच रहे थे मोदी

पहले बजट के समय अर्थव्यवस्‍था पर श्वेतपत्र लाने की सोच रहे थे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माना है कि केंद्र में अपनी सरकार के पहले बजट के समय उनके सामने यह विकल्प था कि वह देश की अर्थव्यवस्‍था की असलियत के बारे में एक श्वेत पत्र लाकर जनता को यह बताते कि आर्थिक हालत कितनी खराब है।
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