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Search Result : "संसद चर्चा"

सरकार को जीएसटी पारित होने का भरोसा,मानसून सत्र 18 जुलाई से

सरकार को जीएसटी पारित होने का भरोसा,मानसून सत्र 18 जुलाई से

सरकार ने आज कहा कि संसद के मानसून सत्र में जीएसटी विधेयक को पारित कराने के लिए उसके पास पर्याप्त समर्थन है। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा।
चर्चा: छोटे पर्दे पर धार बिना तलवारबाजी। आलोक मेहता

चर्चा: छोटे पर्दे पर धार बिना तलवारबाजी। आलोक मेहता

मीडिया के कुछ लोगों को तो पूर्वाग्रही कहा जा सकता है और प्रतियोगी भाव कि प्रधानमंत्री ने अर्णब गोस्वामी को ही पहले इंटरव्यू के लिए क्यों चुना? हम जैसे पत्रकार मानते हैं कि यह अर्णब गोस्वामी की बड़ी सफलता है, जो प्रधानमंत्री को अपने चैनेल को इंटरव्यू के लिए तैयार कर सके। इसी तरह नरेंद्र मोदी ने भी पुराने ढर्रे को त्यागकर दूरदर्शन अथवा लोक सभा, राज्य सभा टी.वी. चैनलों के बजाय एक निजी चैनल को इंटरव्यू देने का फैसला कर नया अध्याय जोड़ा। यूं उनकी सरकार दावा यही करती है कि प्रसार भारती के दूरदर्शन चैनल की पहुंच दूरदराज के गांवों सहित देश के हर कोने में है, जहां निजी अंग्रेजी चैनल तो क्या हिंदी चैनल की पहुंच भी नहीं है।
चर्चा : जनमत संग्रह के भूत का मोह। आलोक मेहता

चर्चा : जनमत संग्रह के भूत का मोह। आलोक मेहता

ब्रिटेन पर कब कितना असर होगा, कोई नहीं बता सकता। लेकिन जनमत संग्रह के हिंदुस्तानी प्रवर्तक अरविंद केजरीवाल ‘भूत-चुड़ैल-आत्मा’ को जगाने-बुलाने के तमाशे में माहिर हैं। वह पिछले दो वर्षों के दौरान ‘जनमत संग्रह’ शैली में डेढ़ करोड़ की आबादी में से डेढ़ लाख के नाम पर बटन दबवाकर अपना फरमान जारी करते रहे हैं।
रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की घोषणा संसद के मानसून सत्र से पहले

रिजर्व बैंक के नए प्रमुख की घोषणा संसद के मानसून सत्र से पहले

रिजर्व बैंक के नए गवर्नर की नियुक्ति अगले महीने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले हो सकती है और इस मामले में रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन प्रमुख संभावित उम्मीदवार बनकर उभर रहे हैं।
भारत की उम्मीद बरकरार, गैर एनपीटी देशों की सदस्यता पर एनएसजी में चर्चा जारी

भारत की उम्मीद बरकरार, गैर एनपीटी देशों की सदस्यता पर एनएसजी में चर्चा जारी

चीन द्वारा भारत की उम्मीदों पर सोमवार को पानी फेरने के बाद आज भारत के लिए अच्छी खबर आई है। मंगलवार को चीन ने कहा कि भारत और अन्य गैर एनपीटी देशों को शामिल करने के मुद्दे पर एनएसजी सदस्यों के बीच सियोल में जारी बैठक में वार्ता चल रही है।
संविधान बदलने के लिए संसद जरूरी नहीं: गोविंदाचार्य

संविधान बदलने के लिए संसद जरूरी नहीं: गोविंदाचार्य

ज्यादा दिन नहीं बीते जब इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने आउटलुक (अंग्रेजी) से बातचीत में कहा था कि संविधान निर्माण में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की सीमित भूमिका था। अब राय के करीबी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक तथा भाजपा के पूर्व नेता के.एन. गोविंदाचार्य ने एक और विवाद को जन्म देते हुए कहा है कि जरूरी नहीं है कि संविधान में परिवर्तन संसद के जरिये ही हो।
चर्चाः चुनाव से पहले चिंगारी | आलोक मेहता

चर्चाः चुनाव से पहले चिंगारी | आलोक मेहता

पंजाब और उत्तर प्रदेश विधानसभाओं के चुनाव में अभी छह महीने से अधिक का समय है। लेकिन राजनीतिक पार्टियां जल्दी में हैं। समस्या, विकास, वायदों की चर्चा देर-सबेर होगी। राजनीतिक माहौल को गर्माने के लिए सांप्रदायिक चिंगारी डाली जा रही है।
अमेरिकी संसद में मोदी का संबोधन, भारत और अमेरिका की दोस्‍ती 21वीं सदी बदलेगी

अमेरिकी संसद में मोदी का संबोधन, भारत और अमेरिका की दोस्‍ती 21वीं सदी बदलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि परमाणु समझौते से भारत अाैैर अमेरिका के बीच संबंधों में काफी प्रगाढ़ता आई है। दोनों के बीच नए रिश्‍ते की शुरुआत हुई। दोनों देशों की संस्कृतियां अलग हैंं लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं में विश्‍वास की भावना से दोनों देश काफी नजदीक हो जाते हैं। अमेरिका का लोकतंत्र सभी को आजादी देता है। ऐसा ही भारत का लोकतंत्र भी है। वाशिंगटन दौरे के दूसरे दिन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैपिटल हिल में अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे।
राजन के सेवा विस्तार मुद्दे पर ऑनलाइन चर्चा भी गर्म

राजन के सेवा विस्तार मुद्दे पर ऑनलाइन चर्चा भी गर्म

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन के सेवा विस्तार पर राजनीतिक और उद्योग जगत में जारी चर्चा के बीच अब यह मामला इंटरनेट पर भी मामला गरमा गया है। इस समय सोशल मीडिया में कम से कम सात ऑनलाइन अपीलें राजन के विस्तार के समर्थन में घूम रही हैं। इन अपीलों पर अब तक 60,000 से अधिक हस्ताक्षर हो चुके हैं।
चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

चर्चाः सस्ते सौदे में सीट संसद की। आलोक मेहता

सौदागर सैकड़ों साल पहले सिल्क रूट से चीन, अमेरिका, यूरोप तक पहुंच जाते थे। तब यात्रा महीनों चलती थी और वाहन सीमित थे। अब तो गोल्डन, डायमंड रूट भी बन गए हैं। ये रूट व्यापार, हथियार के लिए ही नहीं राजनीति में भी कुछ सौदागरों के ‌लिए मुनाफे वाले हो चुके हैं। एक समय था, जबकि भैंरोंसिंह शेखावत जैसे नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए पत्नी के हाथ की सोने की चूड़ियां तक बेचनी पड़ती थी और कुछ सौ रुपयों का इंतजाम होता था। अब तो आलम यह है कि कुछ सौदागरों को सरकारी खजाने से एक सौ करोड़ सांसद के नाते अपने पेशे या संस्‍थान के लिए हर महीने 30 करोड़ आने के भरोसे के कारण चुनाव में 25 से 40 करोड़ रुपये लगाना भी सस्ता सौदा लगता है।
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